17 साल पहले उमेश के किडनैपिंग मामले को लेकर आज अतीक को प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी करार दिया है। और उसके थोड़ी देर बाद ही सजा का ऐलान भी हो गया जिसमें अतीक को उम्रकैद की सज़ा कोर्ट ने सुना दी है। अतीक के पापों का आज घड़ा फूट गया और विक्टिम राजू पाल और उमेश पाल के परिवार को इंसाफ मिल गया। अतीक के साथ साथ तीन लोंगो को और कोर्ट ने दोषी करार दिया है उनके नाम हैं; हनीफ, दिनेश पासी। साल 2005 में राजू पाल की हत्या का मुख्य गवाह था उमेश पाल सच सामने ना आए इसलिए अतीक और उसके गुर्गों ने उसे किडनैप कर लिया उसी को लेकर आज 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आज इंसाफ मिला है।
कोर्ट ने 7 लोंगो को बरी भी कर दिया है जिनमें अतीक का भाई अशरफ भी शामिल है। बाकी अन्य 6 अतीक के गुर्गे अंसार बाबा, फरहान, इसरार, आबिद प्रधान, आशिक मल्ली और एजाज अख्तर उनको भी कोर्ट ने बरी कर दिया है। फिलहाल कोर्ट ने अतीक को दोषी तो करार दिया है लेकिन सज़ा को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है।
बताया जा रहा है कि अतीक समेत 3 को दोषी करार दिया गया. उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद, दिनेश पासी खान, शौलत हनीफ को 364a, 34, 120, 341, 342,504,506 धाराओं में दोषी पाया गया है। वहीं अशरफ के बरी होने के बाद कोर्ट में अतीक अशरफ गले मिलकर रोए। अतीक ने खुद अपनी बात रखी। वहीं उमेश पाल की पत्नी ने जया पाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- ‘‘मैं अदालत नहीं जा रही हूं, मैं अपने घर में रहूंगी और अहमद के लिए मृत्युदंड की प्रार्थना करूंगी”।

