केंद्र सरकार ने रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार करने के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के संयुक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह विस्तार मौजूदा रेड लाइन का हिस्सा होगा, जो वर्तमान में गाजियाबाद में शहीद स्थल से उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रिठाला तक चलती है। 26.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण 6,231 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसका वित्तपोषण दिल्ली और हरियाणा मिलकर करेंगे। इसमें दिल्ली 5,685.22 करोड़ रुपये और हरियाणा 545.77 करोड़ रुपये का योगदान देगा। इसके अलावा, दिल्ली वाले हिस्से की लागत का करीब 40 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी। अकेले डीडीए 1,000 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
नए मेट्रो कॉरिडोर स्टेशन की सूची
नए कॉरिडोर में 21 स्टेशन होंगे, जिनमें रोहिणी के कई सेक्टर, बरवाला और सनोठ जैसे गांव, बवाना औद्योगिक क्षेत्र में दो स्टेशन और नरेला में पांच स्टेशन जैसे अनाज मंडी, नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नरेला गांव, डिपो स्टेशन और नरेला सेक्टर 5 शामिल होंगे। राज निवास के एक अधिकारी के अनुसार, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से नरेला, बवाना और अलीपुर की शेष शहर से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में तेजी आएगी। 2028 तक, जब निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन 1.26 लाख यात्री आने की उम्मीद है, और 2055 तक 3.8 लाख यात्री प्रतिदिन आने की उम्मीद है।
डीडीए आवास परियोजनाएं तक होगी कनेक्टिविटी
इसके अतिरिक्त, रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर नरेला उप-शहर को बहुत जरूरी सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जहां डीडीए सात दिल्ली विश्वविद्यालयों और संस्थानों के परिसरों के साथ 180 एकड़ का शिक्षा केंद्र विकसित कर रहा है। शहरी निकाय उप-शहर में एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, कॉर्पोरेट कार्यालय, आईटी-आईटीईएस पार्क और एक एम्स केंद्र स्थापित करने के लिए भी काम कर रहा है, जहां पहले से ही दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, एनआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान, राजा हरीश चंद्र अस्पताल और कई डीडीए आवास परियोजनाएं हैं।

