आज आंध्र प्रदेश में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश किया गया। प्रदेश के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने 2,79,279 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। जगनमोहन रेड्डी सरकार ने बजट में 15,882 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए किया है।
वित्त मंत्री बुग्गाना राजेंद्रनाथ ने अपने भाषण में कहा कि हम कोरोना की चुनौतियों और राजस्व घाटे का सामना करने के बाद अब आगे बढ़ रहे हैं। इसी विश्वास के साथ हम शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए बजट पेश कर रहे हैं। बजट पेश होने से पहले आंध्र प्रदेश राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2023-24 के वार्षिक बजट के साथ-साथ कृषि बजट को भी मंजूरी दी।
बजट के कुछ मुख्य अंश
– राजस्व व्यय 2,28,540 करोड़ रुपये
– पूंजीगत व्यय 31,061 करोड़ रुपये
– 22,316 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा
– 54,587 करोड़ रुपये का वित्तीय घाटा
– जीएसडीपी में राजस्व घाटा 3.77 प्रतिशत
– एपी का राजकोषीय घाटा 1.54 फीसदी
वित्त मंत्री राजेंद्र नाथ ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में पांचवीं बार राज्य का बजट पेश करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 का बजट लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए तैयार किया गया है। महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष बजटीय आवंटन का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में प्रत्यक्ष लाभ योजनाओं (डीबीटी) के लिए कुल 54,228 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बजट में आवंटन
– 21,435 करोड़ रुपये वाईएसआर पेंशन कानुका के लिए
– 4,020 करोड़ रुपये वाईएसआर रैथू भरोसा के लिए (कृषि विभाग)
– 2,842 करोड़ रुपये जगनन्ना विद्या देवेना (शिक्षा विभाग)
– 2,200 करोड़ रुपये जगनन्ना वसती देवेना के लिए
– 3,000 करोड़ रुपये मानाबाड़ी नेदु-नेदु के लिए
– 15,873 करोड़ रुपये पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के लिए
– मूल्य स्थिरता कोष के लिए 3,500 करोड़ रुपये
इसके अलावा सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में वित्त मंत्री ने कापु कल्याण के लिए 4,887 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 4,203 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी तरह गरीबों के लिए आवास के लिए 5,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

