भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच राजधानी दिल्ली में खेले जा रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त हो चुका है। दूसरे दिन के खेल में मेजबान टीम अपनी पहली पारी में केवल 262 रन ही बना सकी। हालांकि पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ एक रन की बढ़त हासिल हुई। दिन के आखिरी और तीसरे सेशन में ऑस्ट्रेलिया ने 12 ओवर की बल्लेबाजी की। जिसमें उन्होंने एक विकेट के नुकसान पर 61 रन बनाए। स्टंप के समय क्रीज पर ट्रेविड हेड 39 और मार्नश लाबुशेन 16 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अक्षर-अश्विन ने बचाई भारत की लाज
इससे पहले पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन ने इस मैच में भी शानदार बैटिंग करते हुए शतकीय साझेदारी की। जिससे टीम इंडिया की लाज बच गई। एक वक़्त भारतीय टीम 66 रन पर 4 विकेट गंवाकर बैकफुट पर चली गयी थी। लेकिन अक्षर और अश्विन की शतकीय साझेदारी ने भारत को वापसी दिलाई। अश्विन ने 37 तो वही अक्षर ने 74 बेशकीमती रन बनाए।
बहरहाल, विराट कोहली (84 गेंदों में 44 रन) और रविंद्र जडेजा (74 गेंदों पर 26 रन) ने लंच के बाद दूसरे सत्र में पांचवें विकेट के लिए 59 रन जोड़कर भारतीय पारी को सँभालने की कोशिश की लेकिन टॉड मर्फी पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर मैट कुहनेमैन ने दोनों को जल्दी-जल्दी आउट कर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों पर कसा शिकंजा
पिच अभी बल्लेबाजी के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाजों की तिकड़ी ने सही दिशा में गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर शिकंजा कसे रखा। कोहली मैच में शानदार लय में दिख रहे थे और बड़ी पारी खेलने की ओर बढ़ रहे थे लेकिन उन्हे किस्मत का साथ नहीं मिला और कुहनेमैन की गेंद पर पगबाधा हो गए।
यह मैच चेतेश्वर पुजारा के लिए काफी खास है क्योंकि यह मैच उनका 100 वा टेस्ट मैच है। स्टेडियम में लगभग 20,000 दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट ने पुजारा का स्वागत किया लेकिन वह 00 रन पर पगबाधा हो गये। वे अपना खाता भी नहीं खोल सके। चोट से वापसी कर रहे श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर पाए और केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

