देश में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। भले ही अभी चुनाव में एक साल का समय है लेकिन शंखनाद अभी से बज चुका है सभी पार्टियां अपनी पुरजोर कोशिश में जुट गईं हैं कि जीत का ताज उनकी पार्टी के सिर सजे। सपाइयों के गढ़ आजमगढ़ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक बार फिर लोंगो को साधने में जुटे हैं। जो लोग उनसे लोकसभा उपचुनाव सीटों में दूर हो गए थे उन्हें लुभाने की कोशिश कर रहें हैं। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर में वे अब नई राणनीति के साथ आजमगढ़ के मैदान में उतरे हैं।
सपाइयों के गढ़ में भाजपा ने सपा को करारी हार दे डाली थी अब दोबारा अपनी सत्ता का अपने गढ़ में स्थापित करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लोंगो को साधने में जुट गए हैं उनके बीच जाकर जुड़ रहें हैं, बातें कर रहें हैं और यूपी सरकार पर हल्ला बोल रहें हैं। इस बीच उन्होंनें मैगी का स्वाद भी लिया, वहां इक्ट्ठा हुए लोंगो ने अखिलेश यादव के साथ फोटो भी खिचवाई।
जब सपा के मुखिया अखिलेश यादव मैगी का स्वाद ले रहे थे और लोंगो के साथ फोटो खिचवा रहे थे तो भीड़ में से एक शख्स ने आवाज़ लगाई और अखिलेश को संबोधित करते हुए कहा आप पर मेरा आशीर्वाद भी बाकी रह गया है। जिस पर अखिलेश ने भी जवाब दिया और पूछा क्या? इस पर युवक कहता है कि मेरी अभी शादी हुई है और आप आए नहीं इस पर सपा अध्यक्ष ने भी चुटकी लेते हुए युवक को अपने पास बुलाया और उसके साथ फोटो खिंचवाई और हंसते हुए कहा कि ‘अभी तो दूल्हे को हमें 1100 रुपये भी देने हैं।
अखिलेश यादव ने जब आशीर्वाद के रूप में 1100 रुपये देने की बात कही तो युवक ने भी झट से कह दिया, ‘1100 या 2100 जो भी देना है अपने हाथ से दे दीजिए। अखिलेश ने जमकर युवक के साथ चुटकी ली और उसे 2100 देने का वादा किया तो वहां लोग मौजूद हंसने लगे। कुछ देर रूकने के बाद वहां से अखिलेश यादव चले गए और आगे मीडिया से मुखातिब हुए और उनसे पहलवानों के धरने को लेकर सवाल पूछा गया तो इस पर उन्होनें कहा पीएम मोदी ने कहा था कि ये हमारी बेटियां जैसी हैं। आज देश की वो गौरवशाली बेटियां धरने पर बैठीं है लेकिन पीएम कुछ नहीं कर रहे, ना अब तक कोई इस पर प्रतिक्रिया दी है।
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव से सवाल पूछे गए तो उन्होनें कहा कि उनकी पार्टी की रणनीति साफ है जहां जो दल मजबूत है उसके नेतृ्त्व में चुनाव लड़ा जाए और दलों को भी जोड़ा जाए। हम नफरत की राजनीति नहीं करते। भाजपा को हारने के लिए विपक्षी ताकतें एकजुट हो रहीं हैं।

