Agniveer Yojna: अग्निपथ योजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में कांस्टेबल के 10 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सरकार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में इन व्यक्तियों को शारीरिक परीक्षण से छूट प्रदान करेगी।
गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अग्निवीरों को केंद्रीय पुलिस बलों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिसमें उनके लिए 10 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। उन्हें CISF में शारीरिक परीक्षण से भी छूट मिलेगी, जहां 10 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। CISF की महानिदेशक नीना सिंह ने कहा कि CISF इन बदलावों को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अग्निपथ योजना को लेकर विवाद
हाल ही में संपन्न संसदीय सत्र के दौरान विपक्ष ने अग्निपथ योजना को लेकर कई सवाल उठाए। विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए दावों का खंडन किया। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि 158 संगठनों से सुझाव मिलने के बाद इस योजना को लागू किया गया। राहुल गांधी ने सरकार पर अग्निवीरों को डिस्पोजेबल मजदूर मानने और उन्हें शहीदों का दर्जा न देने का आरोप लगाया था।
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अग्निपथ योजना की पृष्ठभूमि
14 जून, 2022 को घोषित अग्निपथ योजना के तहत 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए भर्ती करने की अनुमति है, जिसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त 15 साल के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। बाद में ऊपरी आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी गई। इस योजना के तहत भूतपूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के लिए पांच साल की आयु में छूट और उसके बाद के बैचों के लिए तीन साल की छूट दी गई।

