कोरोना ने कैसे 3 साल पूरे दुनिया भर में अपना आतंक बरपाया था ये आज तक कोई भूल नहीं पाया है। अपनों ने अपनी आंखो के सामने खोते हुए देखा। पूरी दुनिया भर में कोरोना की दहशत ने बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया था कोरोना की महामारी ने नए नए वैरिएंटो ने दुनिया को खूब डराया लेकिन हर बीमारी का समय भी निश्चित होता है और वक्त के अनुसार बीमारी खत्म भी होती है।
लेकिन एक बार फिर कोरोना को बाद अब अब H3N2 वायरस (इन्फ्लूएंजा वायरस) ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं और इस वायरस से भारत देश में पहली मौत भी दर्ज की गई है हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, कर्नाटक के हासन में एक व्यक्ति की मौत H3N2 वायरस से हुई है। फिलहाल अभी पुरी तरह से व्यक्ति की जानकारी नहीं दी गई है। तो क्या ये बीमारी देश के लिए संकट का विषय बन सकती है?
H3N2 वायरस ने देश की चिंता बढ़ा दी है और सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं 3 साल पहले कोरोना के ताडंव ने जो हाल किया था कहीं इस वायरस से भी हाल बुरा ना हो जाए। अभी देश कोरोना के प्रकोप से उभर पाया है अपनी जिंदगी को नॉर्मल करने की कोशिश में सफल कर पाया है अगर ऐसे में ये वायरस देश में धीरे धीरे अपने पैर पसारने लगा तो कहीं ऐसा ना हो जाए कि देश को फिर से मुश्किल हालातों का सामना करना पड़े।
मौसम के बदलाव से इस समय खांसी, जुकाम, गले में खराश, शरीर में दर्द, नाक से पानी आना जैसे लक्षण सामने आ रहें हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग इन लक्षणों की चपेट में ज्यादा आ रहें हैं। इसे लेकर मेडिकल एक्सपर्ट्स अलर्ट मोड में आ गए हैं। एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि H3N2 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है। एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि H3N2 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है और हर साल मौसम के बदलाव से ये वायरस अटैक करता है। इसके प्रकोप से निपटने के लिए दिशा-निर्देश और सुझाव दिए जा रहें हैं।
डॉ. गुलेरिया का कहना है कि यह इन्फ्लुएंजा वायरस ड्रॉपलेट्स के जरिए कोविड की तरह ही फैलता है। केवल उन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, जिन्हें पहले से ये बीमारी है. एहतियात के तौर पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, फिजिकल डिस्टेंसिंग रखें। हालांकि इससे बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि अगर आपको खांसी-जुकाम जैसे लक्षण हैं तो घर पर हल्का गुनगुना पानी पिएं, दवाईं लें और समय पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

