अडानी ग्रुप की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं हैं पहले अमेरिका की शॉर्ट-सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा था कि अडानी ग्रुप(Adani Group) की लिस्टेड सात कंपनियां 85 फीसदी ओवरवैल्यूड हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अडानी समूह दशकों से स्टॉक हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग में लगा हुआ है।
अभी एक मुसीबत से अडानी ग्रुप बाहर नहीं निकला था कि अब फोर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी के खिलाफ दावा किया है कि विनोद अडानी द्वारा नियंत्रित एक प्राइवेट कंपनी की सिंगापुर की यूनिट ने एक रूसी बैंक से कर्ज के लिए अडानी के प्रमोटर के 240 मिलियन डॉलर के स्टेक को गिरवी रखा है।
फोर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है विनोद अडानी द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित सिंगापुर की कंपनी Pinnacle Trade and Investment Pte. Lte. ने साल 2020 में रूस के सरकारी VTB बैंक के साथ एक लोन एग्रीमेंट किया था। इसे यूक्रेन युद्ध के कारण पिछले साल अमेरिका ने मंजूरी दे दी थी। अप्रैल 2021 तक Pinnacle ने 263 मिलियन डॉलर उधार लिए थे और एक अनाम संबंधित पार्टी को 258 मिलियन डॉलर उधार दिए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि उस साल के बाद Pinnacle ने दो निवेश फंडों- एफ्रो एशिया ट्रेड एंड इंवेस्टमट लिमिटेड और वर्ल्डवाइड इमर्जिंग मार्केट होल्डिंग लिमिटेड को कर्ज के लिए गारंटर के रूप में पेश किया।

