कहते हैं “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी” यह लाइन अलीगढ़ में एक बार फिर से सच साबित हो गई। बन्नादेवी थाना इलाके के एनएच-91 रिंग रोड भीकमपुर पर सुबह तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें साले-बहनोई की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक बच्चे समेत तीन लोग जेएन मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच सांसे गिन रहे हैं। बताते हैं कि ड्राइवर की सुबह तड़के कार ड्राइव करते वक्त हल्की सी नींद की झपकी लग गई। जिसके चलते हैं यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूर्ण कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला बुलंदशहर के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी रोहित, पिंकू, बॉबी, ब्रजनिधि और कृष्णा 5 लोग जलेसर से किसी कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी कार द्वारा वापस बुलंदशहर लौट रहे थे। रात भर का सफर करने के बाद जैसे ही गाड़ी सुबह तड़के अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी इलाके के एनएच-91 रिंग रोड भीकमपुर पर पहुंची, इसी दौरान कार को ड्राइव कर रहे युवक की झपकी लग गई और रोडसाइड खड़े किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से जा घुसी हादसा इतना भीषण था कि कार के आगे से परखच्चे उड़ गए घटना के बाद जिस वाहन से कार टकराई वह मौके से फरार हो गया।
इस भीषण हादसे में बुलंदशहर के थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी रोहित, बुलंदशहर के थाना खुर्जा क्षेत्र के गांव फराना निवासी पिंकू की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक आपस में साले बहनोई थे। इनके अलावा बुलंदशहर के गांव चांदो निवासी बौबी, ब्रजनिधि और कृष्णा घायल हैं। जिन्हें जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतक दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूर्ण कराई है।

