राजधानी दिल्ली क्राइम का शहर हो चला है इंसान एक दूसरे के खून का प्यासा हो गया है। किसी की जान कितनी अनमोल है कुछ भी नहीं सोच रहा है, बस जान छीनने पर तुला हुआ है। बीते कुछ समय में देश की राजधानी दिल्ली में एक से एस खतरनाक, खौफनाक वारदतें हो चुकीं हैं और अब फिर एक बार दिल्ली में एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। 22 साल के लड़के को दो बदमाशें ने चाकू गोदकर हत्या कर दी।
दिल्ली में बदमाशें ने 22 साल के लड़के को उतारा मौत के घाट
दिल्ली के कैंट इलाके में दो बदमाशें ने अपनी पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए 22 साल के लड़के को चाकू गोदकर मौत के घाट उतार दिया। आपको बता दें कि जिस लड़के की हत्या हुई उसकी 3 जुलाई को शादी होने वाली थी घर में जश्न का माहौल मातम में बदल गया।
शादी से पहले आशीष की हत्या से परिवार की खुशियां गम में बदली
बता दें 22 साल का आशीष शादी के बंधन में बंधने वाला था लेकिन बारात से पहले दो बदमाशों ने बारात घर के पास बुलाया था, जानकारी के मुताबिक बदमाश आशीष के पीछे काफी समय से पड़े हुए थे और अपनी दुश्मनी निकालना चाहते थे आशीष को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि शादी से पहले मौत उसके पीछे पड़ी है जैसे ही वो लोकेशन पर पहुंचा दोनों बदमाशें ने चाकु गोदकर उसे मौत के घाट उतार दिया हैरानी की बात ये थी कि ये जो घटना हुई वो शाम के वक्त की थी जिस वक्त लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन किसी ने भी इस घटना को देखा नहीं, और रोशनी में हुए इस घटना को लेकर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों के ऊपर सवाल उठ रहें हैं कि कोई भी मदद के लिए समय रहते सामने क्यों नहीं आ पाते।
आज का इंसान एक दूसरे की मदद सही समय पर नहीं कर पाता इसलिए बदमाशें के हौसले भी बुलंद होने लगे हैं और दिनदहाड़े वो हत्या को अंजाम देने में कामयाब हो जाते हैं। आज लोंगो को सिर्फ अपनी पड़ी है, किसी की जान अनमोल है उसका कोई फर्क नहीं पड़ता सब बचते हुए नजर आते हैं कि कौन फालतू के पचड़े में पड़े। ऐसा ही एक केस दिल्ली में कुछ दिन पहले आया था जब 16 साल की साक्षी को मौत के घाट उतार दिया गया था और वहां से गुजर रहे लोग बस अंधे, बहरों की तरह निकलते चले गए किसी ने साक्षी को बचाने की कोशिश नहीं की।
शादी से कुछ दिन पहले 24 जून की शाम आशीष को दो बदमाशें ने दुश्मनी ऐसी निकाली कि जहां उसकी बारात निकलनी थी अब अर्थी उठ रही है। खुशियां का घर मातम में पसर गया। आशीष के मां-बाप अपने बेटे की फोटो हाथ में लिए अब इतने लाचार हो गए हैं कि उनका अपने बेटे को सहरे में देखने का सपना अधूरा रह गया। पिता आनंद ने कहा कि जिन लोगों ने मेरे बेटे को मारा है, उन्हे फांसी की सजा होनी चाहिए। आशीष के पिता ने बताया कि उन्हें थोड़ा शक था इसलिए वो अपने बेटे के पीछे पीछे भी गए जहां उन्होंने देखा कि बादमाश आशीष पर चाकूओं से वार कर रहे थे, मैं थोड़ी देर खड़े होकर ये देख रहा था लेकिन उनके पास हथियार थे इसलिए मैं लाचार था कुछ कर नहीं पा रहा था।
आशीष के पिता ने आगे कहा कि जब वो अपने बेटे के पास पहुंचे थे तो खून देखकर वहीं गिर गए और देखा कि एक पुलिसवाला उनके बेटे को सही से उठाने की जगह डंडे मार के उठाने की कोशिश कर रहा था पुलिस की PCR वैन वहीं खड़ी थी लेकिन एंबुलेंस का आधे घंटे से ज्यादा इंतजार किया गया उस ही वक्त पुलिस ले जाते तो मेरा लड़का बच जाता। पिता आनंद और आशीष की बहन तमन्ना ने बताया कि वो खुद उन बदमाशें से नहीं मिलने गया था दो लड़कों ने मेरे भाई की शर्ट खींच कर उसे स्कूटर पर बिठाया है और उसे वहां ले गए जहां उसका खून किया।

