उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 15 साल की लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां उसके गुप्तांगों के पास करीब 10 टांके आए हैं। आरोपियों ने मरहम पट्टी के नाम पर पीड़ित परिवार से 2300 रुपये दिए और कई दिनों तक उन्हें कमरे में बंद करके उनकी हर हरकत पर नजर रखी। घर लौटने पर लड़की के चाचा को घटना की जानकारी हुई और उन्होंने तुरंत परिवार को वहां से हटा दिया। इसके बाद मंगलवार को पीड़िता बागपत जिले के टीला मोड़ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला
मूल रूप से बागपत जिले के अशरफाबाद का रहने वाला यह परिवार फिलहाल गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र के प्रेम गार्डन में रहता है। परिवार में मां और तीन बच्चे हैं। मां फ्लैटों की सफाई कर परिवार का भरण-पोषण करती है, जबकि 15 वर्षीय लड़की अपने दो छोटे भाइयों की देखभाल करती है। पीड़िता के अनुसार, 11 जून को उसकी मां काम पर गई हुई थी और दोनों भाई मदरसे में थे। दोपहर के समय मोहित नाम का एक लड़का मेरे कमरे में आया और बोला कि मेरी मां शालीमार रोड पर इंतजार कर रही है और उसने मुझे बुलाया है। यह कहकर मोहित मुझे अपने साथ ले गया।
परिवार को जान से मारने की धमकी
हम शालीमार गार्डन के बुध बाजार की एक बिल्डिंग में गए। वहां मकान मालिक का भतीजा सारिक पहले से ही मौजूद था। दोनों ने मुझे बैठाया और कहा कि मेरी मां दवा लेकर आएगी। उन्होंने मुझे रेड बुल एनर्जी ड्रिंक दी। इसे पीने के बाद मुझे चक्कर आने लगे। इसके बाद मोहित और सारिक ने मेरे साथ गैंगरेप किया। उन्होंने धमकी दी कि अगर मैंने किसी को बताया तो वे मेरे दो छोटे भाइयों को मार देंगे। मैं बुरी तरह डर गई थी और किसी तरह घर पहुंची। तब तक खून बहना शुरू हो गया था। मैंने दरवाजा बंद किया और लेट गई।
जबरन स्टाम्प पेपर पर साइन
पीड़िता ने बताया कि रात करीब 10 बजे जब मेरी मां घर लौटी तो मैं उन्हें देखकर रोने लगी। मैंने उन्हें सारी बात बताई। मेरी आवाज सुनकर मकान मालिक भी हमारे कमरे में आ गए। उन्होंने हमें धमकी दी कि अगर गैंगरेप के बारे में किसी को बताया तो अच्छा नहीं होगा। पीड़िता के मुताबिक, मेरी मां मुझे रात करीब 3 बजे पास के ध्रुव अस्पताल ले गई। वहां करीब 3 घंटे तक मेरा इलाज चला। डॉक्टरों ने मेरे प्राइवेट पार्ट के पास करीब 10 टांके लगाए। 13 जून को मैं छुट्टी लेकर घर आ गई। इसके बाद मकान मालिक जाहिद और उसके रिश्तेदारों ने हम पर नजर रखनी शुरू कर दी। जब भी मैं या मेरी मां दवा लेने बाहर जाती तो वे भी हमारे साथ जाते। इसके बाद आरोपियों में से एक मोहित का दोस्त भी हमारे साथ चला गया। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसके और उसकी माँ की जबरन स्टाम्प पेपर पर साइन भी कराए।
मकान मालिक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
मामले में गैंगरेप पीड़िता के तरफ से उसके फूफा ने सभी आरोपियों के साथ मकान मालिक पर मुकदमा दायर किया है।

