Delhi Politics: दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के बाद नए मुख्यमंत्री और कैबिनेट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। 10 साल के आम आदमी पार्टी (आप) शासन को खत्म कर 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने चुनाव से पहले किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था। अब संभावना जताई जा रही है कि रविवार तक नए मुख्यमंत्री का चुनाव हो सकता है और अगले सप्ताह शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 7 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुछ नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि कुछ नए चेहरे चौंका सकते हैं।
जाट समुदाय को मिलेगा प्रतिनिधित्व?
भाजपा ने इस बार जाट बहुल इलाकों में जबरदस्त प्रदर्शन किया और सभी 10 जाट बहुल सीटों—मुंडका, नजफगढ़, नांगलोई जाट, मटियाला, बिजवासन, महरौली, बवाना, नरेला, रिठाला और विकासपुरी—पर जीत दर्ज की। इस समीकरण को देखते हुए जाट समुदाय से किसी नेता को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
नई दिल्ली सीट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा सीएम पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता, तो भी मंत्री पद मिलना लगभग तय है। वहीं, आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए और बिजवासन से विधायक बने पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत का नाम भी चर्चा में है। ‘आप’ सरकार में गृह और परिवहन जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके गहलोत को उनके अनुभव के आधार पर कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
कैबिनेट में मिलेगा सिख समुदाय को प्रतिनिधित्व?
भाजपा के टिकट पर तीन दिग्गज सिख नेता—मनजिंदर सिंह सिरसा (राजौरी गार्डन), अरविंदर सिंह लवली (पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष), और तरविंदर सिंह मारवाह (जंगपुरा से आप उम्मीदवार को हराने वाले)—विधानसभा पहुंचे हैं। इनमें से किसी एक को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है, लेकिन लवली और मारवाह भी रेस में बने हुए हैं।
पूर्वांचली नेताओं में भी जोरदार प्रतिस्पर्धा
दिल्ली में इस बार भाजपा ने झुग्गी-झोपड़ी और कच्ची कॉलोनियों में स्थित 17 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इन इलाकों में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या अधिक है, इसलिए पार्टी किसी पूर्वांचली चेहरे को कैबिनेट में शामिल कर सकती है।
लक्ष्मी नगर से विधायक बने अभय वर्मा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। बिहार के दरभंगा के रहने वाले अभय वर्मा पहले भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनके अलावा संगम विहार से चंदन चौधरी और विकासपुरी से पंकज कुमार सिंह भी मंत्रिमंडल की दौड़ में शामिल हैं।
8 नेताओं में से 3 को मिल सकता है मंत्री पद
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, निम्नलिखित 8 नेताओं में से कम से कम 3 को मंत्री पद मिल सकता है—
प्रवेश वर्मा (नई दिल्ली)
कैलाश गहलोत (बिजवासन)
मनजिंदर सिंह सिरसा (राजौरी गार्डन)
अरविंदर सिंह लवली (पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष)
तरविंदर सिंह मारवाह (जंगपुरा)
अभय वर्मा (लक्ष्मी नगर)
चंदन चौधरी (संगम विहार)
पंकज कुमार सिंह (विकासपुरी)
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अगले सप्ताह शपथ ग्रहण की संभावना
भाजपा ने दिल्ली में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने के लिए हाईकमान स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है। रविवार तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होने की संभावना है और अगले सप्ताह मंत्रिमंडल के साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।

