Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को बुधवार को जेल से रिहा किया गया, लेकिन रिहाई के बाद भी उनका आक्रोश थमा नहीं। लुक्सर जेल में बंद 38 किसानों को रिहा किए जाने के तुरंत बाद उन्होंने मुख्य किसान नेताओं सुखबीर खलीफा, डॉ. रूपेश वर्मा और सुनील फौजी की रिहाई की मांग को लेकर जेल गेट पर हंगामा शुरू कर दिया।
जेल गेट पर हंगामा और दोबारा गिरफ्तारी
जेल प्रशासन द्वारा 38 किसानों की रिहाई का परवाना आते ही उन्हें बुधवार सुबह जेल से बाहर निकाला गया। लेकिन जैसे ही किसान जेल के बाहर आए, उन्होंने मुख्य नेताओं की रिहाई को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस दौरान 9 किसान तो अपने घर चले गए, लेकिन 29 किसान जेल गेट पर ही डटे रहे और प्रदर्शन करने लगे। जब पुलिस के बार-बार समझाने के बावजूद किसान नहीं माने, तो उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए किसानों में प्रमोद शर्मा, सोनू पहलवान, अतुल यादव, सुशील सहित अन्य प्रमुख किसान शामिल हैं।
किसान संगठनों में आक्रोश
किसानों की दोबारा गिरफ्तारी के बाद विभिन्न किसान संगठनों ने प्रशासन और पुलिस की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह किसानों के साथ अन्याय है और प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है।
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कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी
29 किसानों की दोबारा गिरफ्तारी के बाद किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर गिरफ्तार किसानों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो वे गुरुवार को सूरजपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेंगे।

