Noida: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है और इसके रनवे पर विमानों की टेस्टिंग अब कुछ ही दिन दूर है। आगामी 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2024 के बीच कई एयरलाइंस के खाली विमानों की लैंडिंग की जाएगी। 30 नवंबर को पहली बार यात्रियों के साथ विमान इस रनवे पर उतरेगा। इस टेस्टिंग के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए अंतिम तिथि 25 नवंबर तय की गई है।
कैट-1 और कैट-3 उपकरण हुए स्थापित
एयरपोर्ट पर कोहरे और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट-1 और कैट-3 उपकरणों को स्थापित किया गया है। ये उपकरण पायलटों को विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) भी लगाया गया है, जो अक्टूबर में जांच के बाद संचालन के लिए तैयार है। आईएलएस प्रणाली विशेष रूप से खराब मौसम में विमान की सुरक्षित लैंडिंग में सहायता करती है।
विभिन्न प्रकार के एयरक्राफ्ट उतरेंगे रनवे पर
यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ, डॉ. अरुणवीर सिंह ने जानकारी दी कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान के लिए जरूरी लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है और 15 नवंबर से रनवे की टेस्टिंग की जाएगी। इस दौरान विभिन्न एयरलाइंस के विमानों की लैंडिंग होगी और 30 नवंबर को तीन प्रकार के एयरक्राफ्ट टेस्टिंग के लिए उतारे जाएंगे, जिनमें यात्री और क्रू मेंबर भी शामिल होंगे।
अप्रैल 2025 से शुरू होंगी व्यावसायिक उड़ानें
नोएडा एयरपोर्ट पर अप्रैल 2025 से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी। पहले दिन में कुल 30 उड़ानें संचालित की जाएंगी, जिसमें 25 घरेलू, तीन अंतरराष्ट्रीय, और दो कार्गो उड़ानें शामिल होंगी। पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सिंगापुर और दुबई के लिए संचालित की जाएंगी। इसके लिए लुफ्तहांसा और सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ एग्रीमेंट फाइनल हो चुका है। एयरपोर्ट संचालन के 90 दिन पहले से टिकट बुकिंग शुरू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बुकिंग में सुविधा मिल सकेगी।
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26 नवंबर 2021 को हुआ था शिलान्यास
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 नवंबर 2021 को किया गया था। एयरपोर्ट का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जब यह पूरी तरह से कार्यशील हो जाएगा तो यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यहां से न केवल भारत के विभिन्न शहरों के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए भी उड़ानें संचालित की जाएंगी। नोएडा एयरपोर्ट भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

