Noida News: नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें शहर में बरसात के मौसम में जलभराव और जलनिकासी से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने सीवर ओवरफ्लो की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की और प्रभावित क्षेत्रों में बड़े व्यास के पाइप लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, स्थिति पर लगातार नजर रखने और त्वरित कार्रवाई को सक्षम करने के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सीईओ ने दिए निर्देश
सीईओ लोकेश एम. ने हर के विभिन्न हिस्सों में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने नोएडा एक्सप्रेसवे से सेक्टर 14ए, 15ए और 16ए की ओर बाएं मोड़ पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए फुटपाथों पर चौड़ी नालियों के निर्माण और अधिक वर्षा जल संचयन बिंदुओं की स्थापना के निर्देश दिए। दलित प्रेरणा स्थल के पास डीएनडी लूप पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बड़े व्यास के ट्रेंचलेस पाइप बिछाए जाएंगे और सेक्टर-16ए के सामने ग्रीन बेल्ट में वर्षा जल संचयन बिंदु बनाए जाएंगे या शाहदरा नाले में पानी बहाने की योजना बनाई जाएगी।
बड़े नालों का निर्माण
सेक्टर-62 अंडरपास में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कई उपाय सुझाए गए, जिनमें प्रवेश और निकास बिंदुओं पर शेड बनाना, सतह को ऊपर उठाना और बड़े संपवेल के साथ उच्च क्षमता वाली मोटरें लगाना शामिल है। एनएच-9 से नोएडा के प्रवेश द्वार के पास गोल चक्कर और अंडरपास पर ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए सड़कों को चौड़ा करने और गोल चक्कर को फिर से डिजाइन करने का निर्णय लिया गया। खोड़ा कॉलोनी और सेक्टर-62 के जलग्रहण क्षेत्र में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए एक सलाहकार के माध्यम से एक सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि नई अलाइनमेंट का चयन किया जा सके और बड़े नालों का निर्माण किया जा सके।
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प्राधिकरण की समाधान के प्रति प्रतिबद्धता
सीईओ लोकेश एम. ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नोएडा में जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करना है। इन उपायों से न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन भी संभव होगा। इन योजनाओं का क्रियान्वयन तत्काल किया जाएगा। नागरिकों से आग्रह है कि वे इन कार्यों में सहयोग करें तथा किसी भी समस्या की सूचना नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि त्वरित समाधान हो सके।

