Delhi Metro Driverless Train:अगर आपको दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन पर चालक रहित ट्रेनें चलती दिखें, तो चौंकिएगा नहीं। सोमवार से मजेंटा लाइन पूरी तरह चालक रहित हो गई है। दरअसल, यात्रियों को ज्यादा जगह देने के लिए इस लाइन पर ट्रेनों से ड्राइवर कैब हटा दी गई है। दिल्ली चालक रहित मेट्रो ट्रेन चलाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। इसके साथ ही डीएमआरसी दुनिया के उन 7% मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो गया है, जो बिना ड्राइवर के चल रहे हैं।
90 सेकंड के अंतराल पर चलाई जा सकती है ट्रेनें
डीएमआरसी के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर मजेंटा लाइन पर 90 सेकंड के अंतराल पर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। मजेंटा लाइन (दिल्ली के जनकपुरी पश्चिम से नोएडा के बॉटनिकल गार्डन तक) पर सबसे पहले दिसंबर 2020 में ट्रायल शुरू हुआ था। इसके बाद कई चरणों में ट्रायल किया गया. ट्रायल पूरा होने के बाद एक जुलाई 2024 से इस मेट्रो लाइन पर ड्राईवरलेस मेट्रो का परिचालन शुरू कर दिया गया है. नवंबर 2021 में पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार तक) पर भी चालक रहित मेट्रो का संचालन शुरू किया गया। फिलहाल करीब 97 किलोमीटर का पूरी तरह से स्वचालित मेट्रो नेटवर्क है।
आपात स्थिति में ओसीसी से सीधा कनेक्शन
प्रत्येक कोच में कुल चार कैमरे लगे हैं, जिससे अंदर से लाइव फुटेज को सेंट्रल कंट्रोल रूम (ओसीसी) में मॉनिटर किया जा सकता है। अगर किसी यात्री को कोई परेशानी होती है, तो वह अलार्म बटन दबा सकता है, जो ओसीसी को सूचना भेजेगा। ट्रेन के आगे लगे सेंसर ट्रैक की निगरानी करते हैं, जिस पर ओसीसी से नजर रखी जा सकती है।
क्या–क्या फायदा होगा
01) परिचालन के बाद मेट्रो ट्रेनें डिपो में स्टेबलिंग लाइन पर अपने आप खड़ी हो जाएंगी।
02) सुबह ट्रेनों को परिचालन में लाने से पहले मैनुअल निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी।
03) जरूरत पड़ने पर फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है।
04) नई तकनीक में ट्रेनें आपस में टकराएंगी नहीं, क्योंकि मेट्रो अपने आप ब्रेक लगाएगी।

