एविएशन सेक्टर में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह की महिला सदस्य की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। सोमवार रात को टीमों ने बिहार समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। मुख्य आरोपी भगवंता सिंह की गर्लफ्रेंड श्वेता मिश्रा गिरोह की अहम सदस्य के रूप में पहचानी गई। श्वेता एक एचआर कंपनी में कार्यरत थी।
नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी
पुलिस को मिली जानकारी से गिरोह में कई अन्य सदस्यों के शामिल होने के संकेत भी मिले हैं। लैपटॉप और मोबाइल फोन को जांच के लिए लैब भेजा गया। शनिवार को सेक्टर-63 पुलिस ने एच ब्लॉक स्थित एक कंपनी में छापेमारी कर श्वेता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कार्रवाई के दौरान फरार हो गए। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने अपने मोबाइल और लैपटॉप के पासवर्ड बताने या श्वेता मिश्रा के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। जब्त किए गए डिवाइस को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
7,61,486 रुपये की रकम फ्रीज
आशंका है कि लैपटॉप और मोबाइल फोन में ठगी से जुड़ी अहम जानकारी हो सकती है। गिरोह 2021 से युवाओं को ठग रहा है। आरोपियों ने ट्रैवल और टूरिज्म के लिए एसआरबीएस इंडियन एयरवेज के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी खोली, लेकिन असल में उनका काम बेरोजगार लोगों को ठगना था। बताया जा रहा है कि 100 से ज्यादा युवा उनके झांसे में आ चुके हैं।
सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में है कंपनी का ऑफिस
सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में 1.20 लाख रुपये महीने के किराए पर जगह ली थी। दयाल बाग, आगरा की डिंपल सागर ने पहले इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें एविएशन सेक्टर में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने धोखाधड़ी से जुड़ी कुल 7,61,486 रुपये की रकम फ्रीज कर दी है।

