Modi Cabinet Minister: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम को शपथ लेंगे। इस दौरान उनके मंत्रिमंडल के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासी अटकलें चल रही हैं। मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश से नामों पर चर्चा हो रही है, जिसमें भाजपा के भीतर ब्राह्मण चेहरों के साथ-साथ दलित और ओबीसी नाम भी शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस बार मोदी मंत्रिमंडल में यूपी से प्रतिनिधित्व थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन संख्या जो भी हो, सभी जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित किया जाएगा। माना जा रहा है कि जातिगत समीकरणों को देखते हुए उत्तर प्रदेश से ब्राह्मण, दलित और ओबीसी चेहरे मोदी मंत्रिमंडल में जरूर शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश से आठ ब्राह्मण सांसद बने
भारतीय जनता पार्टी से उत्तर प्रदेश से आठ ब्राह्मण सांसद चुने गए हैं। इनमें पीलीभीत से जितिन प्रसाद, कुशीनगर से विजय कुमार दुबे, कानपुर से रमेश अवस्थी, झांसी से अनुराग शर्मा, गोरखपुर से रवींद्र किशन शुक्ला उर्फ रवि किशन, नोएडा से महेश शर्मा, देवरिया से शशांक मणि त्रिपाठी और अलीगढ़ से सतीश कुमार गौतम शामिल हैं। इनमें मोदी कैबिनेट के लिए सबसे चर्चित नामों में पीलीभीत के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, नोएडा के सांसद महेश शर्मा और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा शामिल हैं।
क्षेत्रीय संतुलन बनाए जाने की संभावना
भारतीय जनता पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल को एक बार फिर कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। साथ ही हाथरस से लोकसभा चुनाव जीतने वाले अनूप वाल्मीकि को भी मोदी कैबिनेट में शामिल करने की चर्चा चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में न सिर्फ जातीय समीकरणों के आधार पर कैबिनेट का गठन होगा, बल्कि राज्य का आकार बड़ा होने के कारण क्षेत्रीय संतुलन भी बनाए रखा जाएगा। इसमें पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड और पश्चिम से लेकर अवध क्षेत्र तक के इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों के सांसदों को मोदी कैबिनेट में जगह दी जाएगी।
पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों पर जोड़
मोदी कैबिनेट में उत्तर प्रदेश से पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों के सांसदों को शामिल किए जाने की भी अटकलें जोरों पर हैं। इसमें अपना दल से अनुप्रिया पटेल, भदोही से विनोद कुमार बिंद और पंकज चौधरी शामिल हैं। सहयोगी दलों से भाजपा इस बार जयंत चौधरी को मोदी कैबिनेट में शामिल कर सकती है। इन नामों के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह का भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है।
प्रदेश से मंत्रियों की संख्या होगी कम
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि चुनाव हारने वाले कुछ प्रमुख भाजपा नेताओं को भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए भाजपा किसी भी ऐसे नेता पर जोखिम नहीं लेगी, खासकर उत्तर प्रदेश में, जिसे जनता ने नकार दिया हो। इन परिस्थितियों को देखते हुए यह तय है कि मोदी मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या कम हो सकती है।

