Azam Khan: लोकसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान 1 जून को होना है। हालांकि, इससे ठीक पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है, साथ ही 14 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
ठेकेदार बरकत अली को भी सात साल की सजा और 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने डूंगरपुर में दर्ज एक मामले में यह सजा सुनाई है। इस मामले में आजम खान और ठेकेदार बरकत अली दोनों को दोषी ठहराया गया है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने डूंगरपुर बस्ती मामले में आजम खान और बरकत अली दोनों को दोषी पाया है।
इस मामले में आजम खान दोषी पाए गए
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अब उन्हें एक और मामले में दोषी पाया गया है और कोर्ट ने सजा सुनाई है। गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ 2019 में डूंगरपुर बस्ती को जबरन खाली कराने और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान और ठेकेदार बरकत अली दोनों को दोषी पाया है।
क्या था पूरा मामला ?
रामपुर जिले की एक अदालत ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को एक व्यक्ति का घर जबरन खाली कराने और उसे गिराने के आठ साल पुराने मामले में दोषी ठहराया है। आजम खान फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं और उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने बताया कि विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री को घर जबरन खाली कराने और उसे गिराने का दोषी पाया है।
गौरतलब है कि डूंगरपुर बस्ती निवासी अबरार नाम के व्यक्ति ने 6 दिसंबर 2016 को गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आजम खान, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आले हसन और ठेकेदार बरकत अली पर घर में घुसकर लूटपाट और मारपीट करने का आरोप लगाया था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि उसका घर जबरन खाली कराया गया और उसे गिराया गया।

