Politics News : राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 14 जनवरी से वहां से शुरू हो रही है..जहां राहुल गांधी को लगता है कि शांति बनाने के लिए बातचीत के रास्ते बंद हो गए हैं….वहीं इस यात्रा से पहले पार्टी के बड़े नेता ने हाथ का साथ छोड़ दिया है….कांग्रेस और राहुल गांधी का कहना है कि न्याय के लिए ये यात्रा निकाली जा रही है…और मणिपुर को न्याय का इंतजार है…वहीं अपने ही लोग इस यात्रा से पहले साथ छोड़ रहे हैं….वहीं बीजेपी पूछ रही है….राममय देश में राजनीतिक यात्रा क्यों?
मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस का हाथ छोड़ा
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज 14 जनवरी से मणिपुर से शुरू हो रही है लेकिन उससे पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लग गया, पूर्व केंद्रीय मंत्री और युवा नेता मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और वह एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना को ज्वाइन कर सकते है।
बता दे राहुल गांधी ने जब पहले भारत जोड़ो यात्रा की थी तब गुलाम नबी आजाद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और अब राहुल गांधी की दूसरी भारत जोड़ो न्याय यात्रा से चंद पहले मिलिंद देवड़ा ने इस्तीफा दे दिया। राहुल गांधी दिल्ली से मणिपुर के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरूआत करने के लिए रवाना हो चुके हैं। कांग्रेस की ये न्याय यात्रा मणिपुर की राजधानी इंफाल के निकट थोबल से शुरू होगी और मार्च के तीसरे सप्ताह यानि 20 मार्च को मुंबई में यात्रा का समापन होगा।
अब आपको बताते हैं राहुल गांधी मणिपुर से यात्रा क्यों शुरू कर रहे हैं आप जानते हैं कि मणिपुर काफी लंबे समय से हिंसा की आग में जल रहा है लेकिन आपको याद होगा कि राहुल गांधी ने पीसी कर मणिपुर के लिए कहा था कि वहां शांति खत्म हो चुकी है वहीं भाजपा ने उस दौरान कहा था कि वो मणिपुर में शांति लाने के प्रयास में जुटी हुई है और अब वहीं से राहुल गंधी लंबी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालने वाले हैं तो क्या इसका मतलब ये है भाजपा मणिपुर में शांति लाने में सफल हुई है तभी तो राहुल गांधी मणिपुर से यात्रा निकालने जा रहे हैं अगर वहां शांति नहीं होती तो यात्रा निकलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।
भारत जोड़ो न्याय यात्रा कोई चुनावी यात्रा नहीं बल्कि देश के लिए न्याय मांगने की यात्रा (Congress Party)
2024 लोकसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस फिर भारत जोड़ो यात्रा दो जिसको भारत जोड़ो न्याय यात्रा नाम दिया गया है राहुल गांधी की ये यात्रा पूर्वोत्तर के वोट साधने की कोशिश है तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा कोई चुनावी यात्रा नहीं बल्कि देश के लिए न्याय मांगने की यात्रा है हालांकि देश इस समय 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राममय में गूंजायमान है ऐसे में एक हफ्ते पहले राहुल गांधी ये यात्रा शुरू हो रही है और पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी देश को अमृतकाल का सपना दिखा रहे हैं लेकिन हकीकत ये है कि पिछले 10 साल से अन्याय काल चल रहा है। कांग्रेस पार्टी ये भारत जोड़ो न्याय यात्रा लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय से जुड़ा विमर्श खड़ा करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी की यात्रा पर उठाए सवाल
वहीं उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी की इस यात्रा पर सवाल उठाया…उन्होंने कहा कि राममंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठ कार्यक्रम के समय राजनीति करना जरूरी है? वहीं एक बड़ा सवाल ये भी है कि जब राहुल गांधी खुद कहते आ रहे हैं कि मणिपुर में बातचीत से शांति नहीं आ सकती है…फिर वहां की सरकार ने उन्हें जो ये यात्रा करने की अनुमति दी है….इससे राहुल के सभी सवालों का जवाब बीजेपी ने दे दिया है….और अगर कांग्रेस भारत जोड़ों न्याय यात्रा मणिपुर में शांतिपूर्ण तरीके से निकलती है..तो राहुल और कांग्रेस के बीजेपी पर लगे सारे आरोप गलत साबित हो जाएंगे…और बीजेपी का दावा की वो शांति लाकर रहेगी पर मुहर लग जाएगा..

