गाजियाबाद : मिशन शक्ति 4.0 (Mission Shakti4.0) के तहत गुरुवार को अंतर्गत मेगा इवेंट हक की बात जिलाधिकारी के साथ आयोजन हुआ। इसमे हिंसा से पीड़ित महिलाओं समाज सेविकाओं अध्यापिकाओं ने जिलाधिकारी से सीधे संवाद किया। जिलाधिकारी ने बताया कि आज महिलाएं विज्ञानं, इंजीनियर, उद्योग, मनोवाज्ञानिक तथा हर कला क्षेत्र आदि में उन्नति कर रही हैं उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर्स, 181,112,10981090 तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, वन स्टॉप सेन्टर, रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष आदि योजनाओ के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
मिशन शक्ति 4.0 के तहत जिलाधिकारी ने सुनी महिलाओं की समस्याओं
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार व प्रशासन का उदेश्य महिलाओं कि सुरक्षा सम्मान एवं स्वावलंबन को सुनिश्चित करना है। (Mission Shakti4.0) इसी क्रम में प्रथम प्रश्न पीड़ित युवती ने जिलाधिकारी से प्रश्न पूछा कि विवाह के बाद घर से यदि उसे और उसके बच्चे को बेघर कर दिया जाये तो उसे क्या करना चाहिए। इसपर जिलाधिकारी ने बताया कि वह परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम काउंसलिंग कराकर विधिक सहायता आदि के माध्यम से समस्या का समाधान करा सकते हैं।
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मिशन शक्ति 4.0 के तहत महिलाओं की समस्या सुनकर जिलाधिकारी ने मदद का दिया आश्वासन
द्वितीय प्रश्न महिला ने पूछा कि वह अनाथ व गरीब बच्चों को शिक्षा देने का कार्य करती है उन बच्चों की शिक्षा के लिए वह स्वयं खर्चा कर रही हैं लेकिन जगह व फण्ड की कमी होने के कारण उन्हें आर्थिक समस्या हो रही हैं। इसपर जिलाधिकारी ने विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनी के सी.एस.आर फण्ड से आर्थिक सहायता के लिए समन्वय किये जाने के बारे में बताया। साथ ही मदद कराने का भी आश्वासन दिया। (Mission Shakti4.0) तीसरा प्रश्न पीड़ित युवती ने पूछा कि उनके साथ 10 अक्टूबर को छेड़छाड़ जैसी वारदात हुई थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं की गयी। इसपर सहायक पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए कि आज ही थाने से संपर्क कर रिपोर्ट दर्ज करायी जाये।
चौथा प्रश्न अध्यापिका ने पूछा कि कैथवाडी गाव ब्लाक मुरादनगर में गांव के विद्यालय के पास कच्ची शराब बनती हैं, जिसके दुष्प्रभाव बच्चों महिलाओं पर पड़ रहा है। (Mission Shakti4.0) इसपर डीएम ने आश्वास दिया कि इस संबंध में सम्बंधित विभागों को नियमनुसार वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। युवती द्वारा पूछा गया कि उनकी संस्था स्किल सेंटर व सिलाई प्रोडक्ट जैसे बेडशीट, कोरोसिया आदि बनाती है। उक्त उत्पादों की मार्केटिंग के लिए वह क्या कर सकती हैं। इसपर जिलाधिकारी ने बताया कि वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अपने बने उत्पादों को मार्किट में ला सकती हैं। इसके अतिरिक्त भी अन्य प्रश्नों के उत्तर व सुझाव के बारे में जानकारी कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारी द्वारा दी गयी।

