महिला आरक्षण बिल: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह महिला आरक्षण बिल के साथ हैं। आबादी के हिसाब से 50 फीसदी आरक्षण रहे तो अच्छा रहेगा। आरक्षण में SC-ST और OBC का कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर कहा कि आज आए महिला आरक्षण विधेयक में हमारी पार्टी की ओर से की मांग पर अमल नहीं किया जाता है तो भी हमारी पार्टी संसद में प्रस्तुत किए जाने वाले महिला आरक्षण बिल को समर्थन और पास कराने में मदद करेगी ।
महिलाओं को हर मामले में पिछड़ा बनाकर रखा
मायावती ने कहा कि हम इसलिए समर्थन करेंगे क्योंकि यहां पर हर धर्म और जाति की महिलाओं को हर मामले में पुरुषों की तुलना में अभी तक पिछड़ा बनाकर रखा है। देश में सर्वसमाज की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनकी हालत में जरूरी सुधार लाने को लेकर बातें तो बहुत की जाती हैं लेकिन उन पर पूरी ईमानदारी और साफ नियत से अमल करने की बजाए उनकी घोर अनदेखी करना तथा आधे अधूरे मन से काम किया जाता है।
उन्होनें आगे कहा कि जैसा कि संविधान के मानवीय और कल्याणकारी उद्देश्यों के साथ ही पहले SC-ST और अब OBC समाज के आरक्षण को निष्क्रिय और निष्प्रभावी बनाने का खिलवाड़ लगातार किया जा रहा है। इन मामलों में कोई भी पार्टी किसी से कम नही हैं। बल्कि कोई पार्टी थोड़ा कम और थोड़ा उससे ज्यादा है।
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संसद में महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगी बसपा
बसपा प्रमख ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में जाने का मौका मिला है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आज नवनिर्मित संसद भवन की भी शुरुआत की जा रही है। हमारी पार्टी दिल से स्वागत करती है। आज इस नये संसद भवन में केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल प्रस्तूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह खबर मीडिया में चर्चा का विषय है। जिसके पक्ष में बसपा सहित अधिकांश पार्टियां अपना मत देंगी, इसकी भी संभावना है। अन्य पार्टियों के बारे में भी ऐसी स्थिति में हमारी पार्टी को पूरी उम्मीद है कि चर्चा के बाद इस बार ये महिला आरक्षण बिल जरूर पास हो जाएगा जो काफी समय से लटका हुआ है।
SC-ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा
इस संदर्भ में मैने अपनी पार्टी की ओर से संसद में एक बार नहीं कई बार कहा था कि हमारी पार्टी तो यह चाहती है कि देश की महिलाओं को लोकसभा और राज्यसभा के विधानसभाओं में आरक्षण 33 प्रतिशत की बजाए उनकी आबादी को ध्यान में रखा जाए तो 50 फीसदी आरक्षण हो।
सरकार इसके बारे में भी जरूर सोच विचार करे। इसके साथ ही साथ यह भी कहा था कि महिलाओं को जो भी आरक्षण दिया जाता है, उसमें SC-ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

