उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर बझेडी अंडरपास के पास से 9 अन्तर्राज्य शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है । जिन की निशानदेही पर पुलिस ने रुड़की रोड स्थित एक पुराने खंडहर से 14 रॉयल एनफील्ड बुलेट, चार लग्जरी कारें ,3 अवैध तमंचा कारतूस और कुछ फर्जी डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं।
दरअसल आपको बता दें कि मंगलवार को सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर बझेडी अंडरपास के पास से 9 शातिर चोर अमित बंसल, सुमित बंसल , मारूफ खान ,रेशु, दिलशाद, जावेद , ताजिम, मुशर्रफ और मुनीर को गिरफ्तार किया है। जिनकी निशानदेही पर टीम ने रुड़की रोड स्थित एक पुराने खंडहर से 14 रॉयल इनफील्ड बुलेट और चार लग्जरी कार तीन तमंचे कारतूस और कुछ फर्जी कागजात भी बरामद किए हैं।
जानकारी के मुताबिक़ इस गैंग का एक सदस्य आदिल अभी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है जो इस गैंग का मैन सदस्य बताया जा रहा है। आलाधिकारियों की मानें तो यह गैंग ज्यादातर एनसीआर में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था, पूछताछ में इन अभियुक्तों ने बताया है कि वह गाड़ी चोरी करने के लिए साइड का छोटा शीशा तोड़कर कार के अंदर प्रवेश करते थे, जिसके बाद यह लोग अलार्म की तार काटकर जहां कार चोरी की घटना को अंजाम देते थे तो वही बाइक चोरी करने से पहले यह लोग सड़कों और कॉलोनियों में घूम कर रेकी किया करते थे, जिसके बाद ये शातिर चोर रात या दिन में मौका पाते ही बाईक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
चोरी के वाहनों के फर्जी कागज तैयार कर ये गिरोह इन्हे मार्केट में बेचने का काम करता था और इन वाहनों को बेचकर जो पैसा मिलता था उन्हें ये आपस में बांट लिया करते थे। बहराल गिरफ्त में आये इन शातिर चोरों को पुलिस ने पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। इस बारे में एक प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी देते हुए मुजफ्फरनगर एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि आज जो हमारी एसओजी की फस्ट टीम है एवं सिविल लाइन थाने की टीम है इन दोनों ने जॉइंट ऑपरेशन करके एक अंतर राज्य गिरोह का पर्दाफाश किया है व ये अंतर राज्य गिरोह हाईटेक चोरिया करता है एवं स्पेशली वाहनों में डील करता है और वाहनों में भी नए वाहन चुराता है।
साथ ही नए वाहनों में भी इनके प्रटुकल क्रॉस ऑफ वाइकल है जैसे बाइकों में यह सिर्फ बुलेट चोरी करते हैं, हम लोगों ने 14 बिल्कुल ब्रांड न्यू बुलेट रिकवर की है व इसके अतिरिक्त 4 कार चोरी की बरामद की है तो इसमें से 2 गाड़ियां एक कार व एक मोटरसाइकिल दिल्ली के जामिया क्षेत्र से कनेक्ट भी हो चुके हैं व उनके एफआईआर लिखे हुए हैं व इन सभी केस पर मोस्टली FIR पंजीकृत होने चाहिए क्योंकि जो गाड़ियों के चेचिस नंबर है वह इन लोगों ने डिस्टर्ब किया है उसको हमने एफएसेल से वापस प्रॉपर चेक करके उसके नंबर हम निकाल पाएंगे व नंबर निकालने के बाद उनसे संबंधित FIR एवं डाक्यूमेंट्स को मैच किया जाएगा, इसमें बेसिकली जो इन्होंने तीन जगह अपने गैंग को बांट लिया है एवं तीनों अलग-अलग भाग आपस में बहुत बहुत ही मिनिमम कोमन्युकेशन रखते हैं और सबसे पहला भाग वह है जो चोरिया करता है फिजिकली वह एक पूरा पार्ट है व चोरी करके इसके फर्जी डॉक्यूमेंट क्रिएट किए जाते हैं और दूसरा भाग वह है जो इसके पोटेंशियल वायर को आइडेंटी फायर करते हैं और तीसरा भाग वह है जो एक्चुअली जाकर इन पोटेंशियल वायर के पास इनको बेचकर आते हैं, जो पहला स्टेज है वह हर गाड़ियों को चोरी करने के बाद उस स्टेज की फिक्स अमाउंट वो लेता है एवं उस फिक्स अमाउंट के बाद सेकंड और थर्ड स्टेज मिलकर मैनेज़ करते हैं जितने भी गाड़ी बिकती है और जो भी प्रॉफिट होता है उसे यह लोग आपस में शेयर कर लेते हैं, इसमें हर बुलेट 3 लाख के लगभग कि इंडिविजुअल बुलेट है व जो कार है उनमे ब्रेजा, इको, मारुती सियाज व एक मारुति डिजायर है,
फिलहाल हमने 9 मुलाजिमों को हिरासत में लिया है और इसमें एक प्रमुख व्यक्ति उसके साथ और भी इंवॉल्व हो सकते हैं जो प्रमुख चोरियां करते हैं वो आदिल उर्फ आदि है जो अभी हमारी गिरफ्त से बाहर है और हम उसे ढूंढ रहे हैं जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे, इनका अमित और सुमित नाम है जो हमारे मुजफ्फरनगर के मंडी क्षेत्र के रहने वाले हैं जो पहले भी जेल जा चुके हैं व इन पर पहले शराब के मुकदमे थे जिसके बाद इन पर गैंगस्टर भी लगा एवं उसके बाद अब यह चोरियां कर रहे हैं और यह दोनों भाई फिर रंगे हाथ पकड़े गए हैं व सारी चीजें रिकवरी है और इस बार भी इनको मुकदमा लिख कर जेल भेज रहे हैं, यह सारी गाड़ियां एनसीआर क्षेत्र की है, देखिए वह जो गैंग है जो अभी हमारी गिरफ्त से बाहर है जो गाड़ियां चोरी करके उनके कागजात बना रहा है उनपर गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा जाएगा व इन सब में जो हमने भी मुकदमा लिखा है उसमे उसमें फ्रॉड, फोर्जरी सारी चीजें इन्वॉल्व है व 10 साल से ऊपर की सजा है और चोरियां तो है ही उस अपराध में मैं कहूंगा कि ये छोटा अपराध होगा क्योंकि फोर्जरी और फ्रॉड के ज्यादा गंभीर मुकदमे इन को झेलने पड़ेंगे।

