साल 2024 के चुनाव को लेकर देश में बिगुल बज चुका है। जहां पीएम मोदी हॉर्ड हिंदुत्व की राजनीति अपनाकर वोट को साधने के लिए लोंगो के बीच इक्के के कार्ड की तरह मास्टर प्लान तैयार कर हिंदूओं का वोट अपनी तरफ कर लेते हैं। जहां पीएम मोदी हॉर्ड हिंदूओ का दांव चल रहें हैं आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर तो वहीं विपक्ष ने भी प्रधानमंत्री की इस ट्रिक पर खेलना शुरू कर दिया है।
आगामी 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर हॉर्ड हिंदूत्व vs सॉफ्ट हिंदूत्व पर राजनीति शुरू हो गई है। एक तो गर्मी का पारा हाई है और राजनीति ने माहौल में और भी ज्यादा पारा हाई किया हुआ है। जहां भाजपा ने राम मंदिर, मथुरा और काशी के जरिए हॉर्ड हिंदू का दांव खेलने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस ने पीएम मोदी का ये ट्रिक अलग वर्जन में अपना लिया है। कमलनाथ के मंच पर कथावचक बजरंग सेना की उपस्थिति और जय श्रीराम का उद्घोष तो रामगमन पथ पर भूपेश बघेल के बढ़ते कदम कांग्रेस की सॉफ्ट हिंदूत्व वाली राजनीति को दर्शा रहा है।
इन सब बातों से ये साफ हो रहा है कि 24 का चुनाव भाजपा तो हिंदू वोट के आधार पर जुटी हुई है तो विपक्ष भी सत्ता में आने के लिए उन्ही की तरकीब अलग तरीके से वोट साधने के लिए जुट चुकी है। आपको याद होगा कि राहुल गांधी भी उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे थे और ठीक पीएम मोदी की तरह ही विधिवत पूजा की थी, उन्ही की तरह तिलक, भगवा गमछा, रूद्रक्ष की माला पहने दिखे थे।

