फिरोजाबाद: प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने शनिवार को सौ शैय्या डेलीगेटेड आइसोलेशन अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक-एक कर सभी बच्चा वार्ड़ों का एवं अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, फोटोथेरेपी, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण कर डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वह डेंगू व वायरल बुखार को जल्द रोकथाम कर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़ित मोनू, उदयवीर कारीखेड़ा, आशीष टूण्डला, लकी सत्यनगर टापाकला, पूजा हिमाऊपुर, लक्ष्मी कोटला से एवं उनके परिजनों से बात कर उनके स्वास्थ्य व चल रहे इलाज के बारे में जाना, जिस पर सभी परिवारीजन व तीमारदार चल रहे उपचार से संतुष्ट नजर आए। इसी परिसर में उत्तर प्रदेश निर्माण निगम द्वारा 193 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अस्पताल का भी निरीक्षण किया और प्रोजेक्ट मैनेजर एस पी सिंह को निर्देश दिए कि जल्द इसके दो फ्लोर तैयार कर इसे संचालित किया जाए, इसके लिए उन्होंने प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज डॉ संगीता अनेजा को भी निर्देश दिए कि इस निर्माणाधीन अस्पताल में तुरंत 200 बैड डलवाकर इसे जल्द से जल्द संचालित किया जाए।
इसके उपरांत प्रमुख सचिव ने हिमाऊपुर कि पीएससी का निरीक्षण कर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह पहले अपने स्तर पर ही मरीजों को इलाज करें और अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही सौ शैय्या अस्पताल में मरीज को भर्ती कराएं ताकि वहां पर अधिक भार न बनने पाए, पीएससी पर उपस्थित लोगों से बात की जिस पर भीमनगर निवासी पीड़िता दिव्या की मां ने बताया कि दिव्या आगरा इमरजेंसी में भर्ती है और उसको खून की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस पर सचिव ने इमरजेंसी आगरा से बात कर तुरंत खून की व्यवस्था कराई।
प्रमुख सचिव ने सैलई के अब्बास नगर क्षेत्र का भ्रमण कर वहां गली-मोहल्लों के हालात को जाना वह कई घरों पर भी गए और लोगों से बात की, वहां उन्होंने स्वास्थ्य कैंप व क्षेत्र का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बुखार से पीड़ित 8 वर्षीय हाशमी एवं वहीं पड़ोस में बुखार से पीड़ित 11 वर्षीय जीनत को घर जाकर देखा और मौके पर ही एम्बुलेंस बुलवाकर भर्ती करवाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह, उप जिलाधिकारी सदर राजेश कुमार वर्मा, नगर विधायक मनीष असीजा, एसीएमओ डॉ बी पी कौशिक सहित स्वास्थ्य व नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

