चित्रकूट: भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के समस्त साधु-संतों ने मंगलवार को रामानंद आश्रम में शोक सभा का आयोजन कर बाघम्बरी पीठ के श्रीमहंत एवं तीनों अनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी।
शोक सभा में कामदगिरि प्रमुख द्वार के अधिकारी मदनगोपाल दास एवं रामायणी कुटी के महंत रामहृदय दास और सनकादिक महाराज सहित दर्जनों आश्रम के साधु-संत मौजूद रहें। सभा में उपस्थित सीताशरण महाराज ने कहा कि यह एक दुखद घटना है, जो इतने बड़े सन्त के साथ हुई तो एक आम साधु की सुरक्षा कैसे हो सकती है।
उन्होंने शासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की। साथ ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाये जाने की मांग की। सभा में उपस्थित दिगम्बर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऐसी घटना दुबारा न हो इसके लिये साधु सामाज को जागरूक रहने की जरूरत है। प्रत्येक स्थान में रहने वाले साधुओं को अपनी स्वयं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
आगे अपने वक्तव्य में रामायणी कुटी के महंत राम हृदय दास महाराज ने कहा कि वो एक दिव्य आत्मा थे जो पूरे देश से साधु संतों को जोड़ कर रखे हुये थे एवं एक छोटे-छोटे से साधु का भी विशेष ध्यान रखते थे। अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान थे। शोक संवदेना की अगली कड़ी में निर्वाणी अखाड़ा के महंत ने भी अपनी अभिव्यक्ति दी एवं उनके साथ बिताये पल साक्षा किये।
सभा के अंत में सनकादिक महाराज ने अपने कड़े तेवर में शासन एवं पशासन को चेतावनी देते हुये कहा कि इस घटना की जल्द से जल्द जांच करायी जाये एवं दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें। अन्यथा एक बड़े अन्दोलन का आहवान किया जायेगा। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कामदगिरि के अधिकारी मदन गोपाल दास ने कहा कि साधु सामाज को जागरूक रहना पड़ेगा एवं प्रत्येक मंदिर मठ आदि में रहने वाले साधू विद्यार्थी जो भी रह रहे उनको संस्कारित करना चहिये एवं अनुशासित करना चाहिये।
उन्होनें कहा कि इस सभा की असली श्रद्धांजलि तभी है जब सरकारों द्वारा इस घटना की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें एवं ऐसी सजा दे कि कभी कोई ऐसी घटना करने के लिये दोबारा सोचे भी नहीं। इस शोक सभा के माध्यम से शासन और प्रशासन से यह भी मांग किया कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करायी जाना चाहिये। शोक सभा में नागा पंजाबी भगवान, माधवदास, साहब बाबा, गोपालदास आदि चित्रकूट के विरक्त मण्डल के सभी सदस्य मौजूद रहें।

