भारत में खालिस्तानी समर्थकों पर कार्रवाई तेज करने के बाद विदेशों में बैठे अलगाववादी और भारत विरोधी तत्व सक्रिय हो गए है और वह इस कार्रवाई पर विरोध प्रकट कर रहे है। भारत विरोधी तत्वों ने लंदन और अमेरिका में खालिस्तान के समर्थन में भारतीय दूतावासों पर हमले किये है। ब्रिटेन में हमला करने के बाद उन्होंने कल यानी सोमवार को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित वाणिज्य दूतावास परिसर की अस्थाई सुरक्षा व्यवस्था तोड़ते हुए हमला बोल दिया था। इसको लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। इसके बाद अब अमेरिका की तरफ से इस मुद्दे पर बयान आया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ ‘बिल्कुल अस्वीकार्य’ है और अमेरिका द्वारा इसकी निंदा की जाती है। प्रवक्ता जॉन किर्बी ने आगे कहा कि अमेरिका निश्चित रूप से उस बर्बरता की निंदा करता है, यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि विदेश विभाग की राजनयिक सुरक्षा सेवा उचित जांच के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रही है। राज्य विभाग नुकसान की मरम्मत के लिए बुनियादी ढांचे के परिप्रेक्ष्य में काम करेगा।
इसके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारतीय वाणिज्य दूतावास के खिलाफ हमले और संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर राजनयिक सुविधाओं के खिलाफ किसी भी हमले की निंदा करता है। अमेरिका इन सुविधाओं के साथ-साथ काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है।

