Weather Update News: इन दिनों पहाड़ी राज्यों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बेहद खराब हो गए हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है, कई लोग लापता हैं और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। किसी का बेटा बिछुड़ गया तो किसी बच्चे से उसकी मां छिन गई।
तबाही से कहां हुई सबसे ज्यादा मौतें
जम्मू-कश्मीर में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है।
- कटरा में 34 मौतें
- रियासी में 7 मौतें
- रामबन में 3 मौतें
- जम्मू जिले में 5 मौतें (इसमें एक आर्मी और एक BSF जवान शामिल)
- डोडा में 4 मौतें
- कठुआ में 1 मौत
रामबन के राजगढ़ इलाके में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हुई और कई घर बाढ़ में बह गए। वहीं रियासी जिले में भूस्खलन से सात लोगों की मौत हो गई।
उत्तराखंड के हालात
उत्तराखंड में भी हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार को हुई भारी बारिश और भूस्खलन से 6 लोगों की मौत और 11 लोग लापता हो गए। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।कई गांवों के मकान ढह गए, खेत बर्बाद हो गए और मवेशी बह गए।
कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं। बागेश्वर जिले के पौसारी गांव में दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन लोग लापता हैं। चमोली जिले में भूस्खलन से एक पति-पत्नी की जान चली गई। रुद्रप्रयाग जिले में तीन जगह बादल फटे और 30-40 परिवार बाढ़ में फंस गए। अब तक करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
लगातार बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। कई जगह हाईवे पर पानी भरने के कारण ट्रैफिक रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
चंबा जिले में भी भारी बारिश और भूस्खलन ने बरपाया कहर
हिमाचल के चंबा जिले में भी भारी बारिश और भूस्खलन ने कहर बरपाया है। अब तक 10 लोगों की मौत, 8 लोग घायल और 4 लापता हैं। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और मणिमहेश यात्रा पर गए श्रद्धालु शामिल हैं। भरमौर इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सड़कें टूटने और मोबाइल नेटवर्क बंद होने से लोग चार दिन तक फंसे रहे।
फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए सेना और प्रशासन की टीमें काम कर रही हैं। कई जगह अब लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हवाई मदद लेने की तैयारी है।
ये भी पढे़ं :-China Tianjin SCO: “हाथ मिलते हैं और नया युग बनता है, Modi‑Xi‑Putin की तियानजिन संगम वाद
ये भी देखें:- Ganesh Chaturthi 2025: पूरे देश में गणेश चतुर्थी की धूम, लालबागचा राजा के लिए भक्तों की भारी भीड़