भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के इलाकों को चीन ने एकबार फिर अपना इलाका बताने का दुस्साहस किया है। चीन ने इलाके को सिर्फ अपना ही नहीं बताया बल्कि उन इलाकों के नाम भी बदल दिया है। चीन के इस कुकृत्य पर भारत ने करारा जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम इन नए नामों को सिरे से खारिज करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का आतंरिक हिस्सा था, हिस्सा है और रहेगा। इस तरह से नाम बदलने से हकीकत नहीं बदलेगी।
भारत के पलटवार के बाद अब दुनिया के सुपर पवार देश अमेरिका ने भी चीन की इन हरकतों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने चीन के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस सचिव केरेन जीन पिएरे ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के भीतर इलाकों के नाम बदलने जैसे कृत्यों का अमेरिका कड़ा विरोध करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह निश्चित रूप से भारतीय क्षेत्र पर चीनी दावे का एक और प्रयास है।
पिएरे ने आगे कहा कि अमेरिका ने लंबे समय से उस क्षेत्र को मान्यता दी है और इन इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्र के दावे को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का अमेरिका कड़ा विरोध करता है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मसला है जिस पर लंबे समय से अमेरिका अपने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि वे जो भी कह रही हैं, यह राष्ट्रपति जो बाइडन का कहा हुआ माना जाए। अमेरिका भारत के साथ संबंधों को दुनिया में सर्वाधिक परिणामी व विशेष संबंधों के रूप में मान्यता देता है।

