केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को हाईकोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। बता दें कि प्रभात गुप्ता हत्याकांड में यूपी सरकार ने अपील की थी जिसे हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया है और ट्रायल कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।
गौरतलब है कि लखीमपुर की निचली अदालत ने अजय मिश्रा टेनी को बरी कर दिया था लेकिन निचली अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।
बता दें कि साल 2000 में प्रभात गुप्ता की उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सरे बाजार में घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रभात गुप्ता समाजवादी पार्टी के युवा नेता थे और उस समय अजय मिश्रा टेनी बीजेपी से जुड़े थे। साल 2000 में प्रभात गुप्ता की इस हत्याकांड में अजय मिश्रा टेनी समेत चार लोगों को नामजद किया गया था।
साल 2004 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में टेनी को बरी कर दिया था। अजय मिश्रा के साथ चार अन्य सुभाष मामा, शशि भूषण, पिंकी और राकेश डालू को भी राहत मिली है क्योंकि यह भी इस हत्याकांड में आरोपी थे।

