आज तारीख है 14 और महीना है अप्रैल। आज का दिन भारत और भारतीयों के लिए एक खास दिन है। आज ही के दिन भारत के एक महान नायक और विभूति का जन्म 1891 में हुआ था। वे एक ऐसे शख्सियत थे जिनके बिना हम आज की आधुनिक भारत के बारे में सोच भी नहीं सकते। उन्होंने ही आधुनिक भारत की आधारशिला रखी थी। आज हम जिस कानून व्यवस्था की बात करते है और उसके बताए रास्ते पर चलते है। उस भारतीय संविधान की किताब को लिखने वाला कोई और नहीं बल्कि कई भाषाओ के जानकर, दलितों के मसीहा, महान समाज सुधारक और भारत के पहले कानून मंत्री बाबा साहब अंबेडकर थे।
महिलाओं को सशक्त बनाया
आज भारत बाबा साहब की 132 वीं जयंती मना रहा है। आपको बता दें कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर समाज के निचले तबके से आते है। वे दलित थे। उन्हें बचपन में छुआछूत के कारण कई बार अपमानित होना पड़ा। स्कूल में बच्चे उनके साथ बैठने से कतराते थे। उन्हें स्कूल में सबसे अलग बैठाया जाता था। समाज के ऊंची जातियों के द्वारा उन्हें काफी शोषित किया जाता था… लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सामाजिक भेदभाव सहित सभी कठिनाइयों को झेलते हुए उन्होंने दुनिया के सामने एक मिशाल पेश की। बचपन से ही समाजिक भेदभाव का शिकार हुए समाज सुधारक बाबा भीमराव अंबेडकर ने जीवन भर कमजोर लोगों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। महिलाओं को सशक्त बनाया।
सभी राजनितिक दलों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की
बाबा भीम राव अंबेडकर की जयंती पर सभी राजनितिक दलों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। दलितों और बहुजनों की राजनीति करने वाली उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने बाबा साहब के जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मायावती ने बाबा साहब को याद करते हुए ट्वीट कर कहा कि “अति-मानवतावादी व कल्याणकारी संविधान देकर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर शत-शत नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित। उनका जीवन संघर्ष करोड़ों गरीबों, मजदूरों, वंचितों व अन्य मेहनतकशों के लिए आज भी उम्मीद की किरण.”
बसपा की स्थापना कैसे हुई और किस वजह से हुई
बसपा प्रमुख मायावती ने लगातार तीन ट्वीट किए। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में बसपा की स्थापना को लेकर बताया कि कैसे बसपा की स्थापना हुई और किस वजह से हुई। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि “उनसे प्रेरणा लेकर उनके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के रुके कारवाँ को आगे बढ़ाने तथा जाति के आधार पर तोड़े गए लोगों को जोड़ने के लिए आज ही के दिन 14 अप्रैल सन 1984 को बहुजन समाज पार्टी की देश में स्थापना की गई, जो खासकर यूपी में सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति की मिसाल बना.”
बसपा प्रमुख ने अपने तीसरे और अंतिम ट्वीट में पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतों का जिक्र करते हुए कहा, “इस दौरान संकीर्ण, जातिवादी, पूंजीवादी व साम्प्रदायिक ताकतों ने बीएसपी को कमजोर करने के लिए हर प्रकार के घिनौने हथकण्डे अपनाए, लेकिन ऐसे उतार-चढ़ावों के बावजूद पार्टी से जुड़े लोग पूरी मजबूती व समर्पन के साथ तन, मन, धन से मैदान में डटे रहे, जिसके लिए सभी का तहेदिल से आभार.”
बाबा साहब अंबेडकर को 1990 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया
आपको बता दें कि समाज में कमजोर और पिछड़ा वर्ग को समान अधिकार दिलाने, जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध कर समाज में सुधार लाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले देश के महान राजनेता बाबा साहब अंबेडकर को 1990 में भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया है। आपको बता दें कि बाबा साहब के जन्मदिन को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

