Tirupati Prasadam: आंध्र प्रदेश के प्रतिष्ठित तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने दावा किया है कि पिछली सरकार के दौरान लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल मिलाया गया था। टीडीपी ने एक लैब रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह गंभीर आरोप लगाए हैं। इस विवाद के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
टीडीपी का बड़ा आरोप
टीडीपी के प्रवक्ता अनम वेंकट रमना रेड्डी ने आरोप लगाया है कि तिरुपति लड्डू प्रसादम बनाने के लिए जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल का उपयोग किया गया। यह दावा गुजरात स्थित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की लैब ‘सेंटर ऑफ एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड’ (CALF) की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 9 जुलाई को भेजे गए सैंपल में 17 जुलाई को इन वस्तुओं की पुष्टि हुई।
हालांकि, इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि किस सैंपल की जांच की गई और इसे किसने भेजा था। रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था के नाम का भी कोई उल्लेख नहीं है। इस वजह से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
वाईएसआर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
टीडीपी के इन आरोपों के बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने पूरे विवाद की जांच की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने टीडीपी के इन आरोपों को सनातन धर्म पर हमला करार दिया है।
मुख्यमंत्री नायडू का बयान
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस रिपोर्ट पर नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि तिरुपति लड्डू प्रसाद में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि जो भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण का बयान
आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने तिरुपति बालाजी के प्रसाद में चर्बी और फिश ऑयल के मिलाए जाने की पुष्टि से गहरी चिंता व्यक्त की। पवन कल्याण ने कहा कि सनातन धर्म का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की चुप्पी
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, घी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए चार सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि लड्डू प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।

