जहां एक तरफ देश – प्रदेश में सरकार विकास के कार्य कर रही है लोंगो को सुविधाएं दे रही है तो दूसरा तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो विकास के कार्य में अड़चने डालते हैं। जहां देश प्रदेश में रेल के विकास का कार्य किया जा रहा जिससे लोंगो को सफर करने में आराम हो सके तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो काम में रोड़ा डालकर दिक्कतें पैदा कर रहें हैं।
दरअसल गाजियाबाद में रैपिड रेल का काम जारी है लेकिन चोर इस विकास काम में बाधा बनकर रेल का 1800 मीटर तार चोरी कर लिया। इससे पहले मार्च में कंस्ट्रक्शन साइट से पटरी को जोड़ने वाली 1000 से अधिक प्लेट चोरों ने गायब कर दी थीं। पिलर नंबर137,145, 178, से 181, के बीच तार चोरी किया गया है।
आपको बता दे कुछ दिन पहले ही मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा रैपिड रेल का जायजा लिया था और अगर बात कल की करे तो कल भी प्रमुख सचिव आवास ने रैपिड रेल का जायजा लिया ऐसे मैं 2बार चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देता है।
रैपिड रेल करोड़ों रुपये का एक प्रोजेक्ट है और ये हिंदुस्तान की पहली रैपिड रेल मेट्रो है। जो दिल्ली से मेरठ के बीच लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होने वाली है लेकिन चोरों की वजह से ये वरदान जैसा प्रोजेक्ट अभिशाप हो रहा है। लोंगो की राहत के लिए जहां सरकार रेल व्यवस्था को अच्छा करना चाहती है तो चोरों को इसमें शांति नहीं पड़ रही है और रेल से जुड़े समानों की चोरी कर जनता की दिक्कतें बढ़ाने में लगें हुए हैं।
बता दें ये रैपिड रेल मेट्रो जमीन से करीब 30 से 40 फुट ऊपर चलेगी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच भी शुरू कर दी गई है। अब देखना होगा की पुलिस कब तक चोरों को गिरफ्तार कर पाती है।

