नए संसद भवन को लेकर बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है विपक्ष और भाजपा के बीच जंग सी छिड़ गई है। पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नए संसद भवन के उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति के हाथों से कराने की बात कही थी अब सारा विपक्ष इसी बात पर अड़ गया है। मामला इतना बढ़ गया है कि सुप्रीम कोर्ट में आज यानि 26 मई को सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 5 में इस याचिका पर सुनवाई होगी।
याचिका पर जस्टिस जे के माहेश्वरी और पी एस नरसिम्हा की अवकाशकालीन बेंच सुनवाई करेगी। याचिका सी आर जयासुकिन नाम के वकील ने दाखिल की है। जबसे नए संसद भवन के उद्घाटन की तारीख सामने आई है तबसे लगातार विपक्ष भाजपा पर हमलावर है। कम से कम 21 पार्टियों ने नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होने से मना कर दिया है। पहले तो ये सुनने में आ रहा था कि बसपा की सुप्रीमो मायावती नए संसद उद्घाटन में शामिल होंगी लेकिन वो कहानी तो आपने सुनी होगी थाली का बैंगन कैसे पलटता है ठीक वैसे ही स्थितित इस वक्त मायावती की है पता ही नहीं लग पा रहा कि वो किस तरफ हैं और क्या करना चाह रहीं हैं।
अब आप तो जानते हैं विपक्ष भाजपा पर हमलावर हो और बीजेपी उसका पलटवार ना करे ऐसा हो ही नहीं सकता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर करारा पलटवार कर दिया है और कांग्रेस पर ही ओछी राजनीति का तीर छोड़ दिया है इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ का एक किस्सा छेड़ के राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी को इसमें लपेट लिया। छतीसगढ़ में विधानसभा का उद्धाटन सोनिया और राहुल ने किया. राज्यपाल आदिवासी थीं, उन्हें क्यों नहीं बुलाया? झारखंड, मणिपुर, असम में ऐसा ही किया गया और तमिलनाडु में भी. कांग्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आप करते हो सब ठीक है, लेकिन मोदी करते हैं तो बहिष्कार करते हैं। पूरी जनता का आशीर्वाद मोदी के साथ है।

