एक बार फिर से कोरोना ने देश में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। देश में इन दिनों एक सलाथ दो बीमारियां अटैक कर रहीं हैं। जहां H3N2वायरस ने पहले से ही चिंता बढ़ा रखी है तो अब कोरोना ने भी नए वैरिएंट के रूप में फिर से अटैक करना शुरू कर दिया है। मौसम के लगातार बदलाव से बीते चार महीने में कोरोना के केस में उछाल आया है और एक्टिव संख्या 7 हजार के पार पहुंच गई है।
एकदम कोरोना के यूं उछाल से डॉक्टर और प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों का जायज़ा भी लिया भारत में बुधवार को कोरोना वायरस के 1,134 नए मामले दर्ज किए गए, जो 138 दिनों में सबसे अधिक है।
कोरोना नए वैरिएंट XBB.1.16 के साथ फिर से देश के लोंगो पर खतरा बनकर अटैक करने लगा है और लोंगो में फिर से दहशत फैलने लगी है,तो वहीं एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कुछ अहम बातें कहीं हैं कि वायरस का वैरिएंट तेजी से फैल सकता है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है इससे गंभीर बीमारी या मौत का खतरा नहीं है।
डॉ गुलेरिया के अनुसार, वायरस समय के साथ बदलता है और यह कोविड और इन्फ्लुएंजा दोनों के साथ ही होता है, उन्होंने कहा, ‘‘ हम याद करें कि जब कोविड का प्रकोप शुरू हुआ था तो यह अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमीक्रोन स्वरूपों के साथ हुआ था। इस तरह वायरस बदलता गया। सौभाग्य से, हम पिछले एक साल पर नजर डालें तो ऐसे वेरिएंट सामने आए जो ओमीक्रोन के ही सब-वेरिएंट हैं। इसलिए लगता है कि वायरस कुछ हद तक स्थिर हो गया है और अतीत की तरह तेजी से नहीं बदल रहा है।’’
क्या नया वेरिएंट एक्सबीबी.1.16 में अगले कुछ दिन में कोविड के मामलों की नई लहर लाने की क्षमता है, इस प्रश्न पर गुलेरिया ने कहा, ‘‘आप मामलों में वृद्धि देख सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि ये सामने ही नहीं आएं क्योंकि शुरू में लोग बहुत सतर्क थे और खुद जाकर जांच कराते थे,’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब बुखार-सर्दी-खांसी के लक्षणों के बाद भी अधिकतर लोग जांच नहीं करा रहे।
कुछ लोग रैपिड एंटीजन जांच करा लेते हैं और संक्रमण की पुष्टि होने के बाद भी वे इसके बारे में नहीं बताते.’’ डॉ गुलेरिया ने सलाह दी है कि जांच में पॉजिटिव आने वाले लोगों को जानकारी देनी चाहिए जिससे सरकार को मामलों की वास्तविक संख्या जानने में और उस हिसाब से रणनीति बनाने में मदद मिले।
कोरोना के साथ साथ H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस भी चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि मौसम के तेजी से बदलाव होने पर खांसी, बुखार, जुकाम लोंगो के बीच देखी जारी है। सरकार ने एडवाइजरी भी जारी की हुई है कि इस एडवाइजरी में बच्चों और बूढ़ों को खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है।

