बिहार के बाहुबली नेता आनंद मोहन के ऊपर सरकारी सेवक की हत्या करने का दोष सिद्ध था। रिहाई की कोई गुंजाइश नहीं थी लेकिन बिहार सरकार ने नियमों में छूट देकर रिहाई दे दी। अब इसी मामले के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जहाँ जस्टिस जेएस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई करते हुए बाहुबली आनंद मोहन की रिहाई पर जवाब देने कि लिए बिहार सरकार को और मोहलत दी है। बता दें कि यह याचिका दिवंगत डीएम कृष्णैया के पत्नी उमा कृष्णैया ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से रिहाई से जुड़े मूल दस्तावेज जमा करने को कहा है। अब, इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई आठ अगस्त को होगी।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर 1994 को बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या मुजफ्फरपुर में कर दी गयी थी। जिसका दोषी बाहुबली आनंद मोहन पाए गए। बता दें कि 3 अक्टूबर 2007 को निचली अदालत ने बाहुबली नेता आनंद मोहन को फांसी की सजा सुनाई गयी थी, जिसे पटना हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर 2008 को उम्रकैद में बदल दिया था। इसके बाद 10 जुलाई 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

