योग गुरू बाबा रामदेव की पतंजलि (Patanjali) आयुर्वेद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मंगलावर को अदालत ने पतंजली की दवाओं के प्रचार पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी कर दिया है साथ ही पुराने आदेश के उल्लंघन पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना का नोटिस भी जारी किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई है।
कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि पतंजलि कोई भी भ्रामक दावे वाले प्रचार नहीं करेगा
कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि पतंजलि (Patanjali) अपने ऐसे कोई भी दवा उत्पादों का प्रचार नहीं करेगा जिसमें दावा किया गया है कि ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1954 के तहत क्या कार्रवाई की गई है। कोविड के समय में भी कोरोनिल दवा बनाने को लेकर भी बाबा रामदेव घिरे थे इसके अलावा पतंजलि अपने कुछ अन्य प्रोडक्ट्स को लेकर विवादों में रही है।
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कई बार विवादों में घिर चुकी है बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद जानें कैसे
2015 में कंपनी ने इंस्टेंट आटा नूडल्स लॉन्च करने से पहले फूड सेफ्टी एंड रेगुलेरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से लाइसेंस नहीं लिया था और पतंजली (Patanjali) को फूड सेफ्टी के नियम तोड़ने के लिए लीगल नोटिस का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा बाबा रामदेव कई बार योग और पतंजलि के प्रोडेक्ट्स से कैंसर, एड्स और होमोसेक्सुअलिटी तक ठीक करने के दावे को लेकर विवादों में रह चुके हैं।

