उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मिहिर सम्राट भोज को लेकर गुर्जर और राजपूत समाज आमने सामने हो गए है। दोनों समाजों के बीच टकराव के हालात बन गए हैं। बता दें कि राजपूत समाज खुद को मिहिर सम्राट का वशंज मानता है लेकिन अब गुर्जर समाज ने भी ऐलान कर दिया है कि मिहिर सम्राट भोज उनके पूर्वज हैं। इसी को लेकर आज गुर्जर समाज सहारनपुर में गुर्जर सम्मान यात्रा निकाल रहा है। जबकि राजपूत समाज ने इस यात्रा का विरोध किया है। सहारनपुर प्रशासन को जब इस बात का अंदेशा हुआ कि गुर्जर समाज की यात्रा को लेकर राजपूत और गुर्जर समाज में टकराव हो सकता है तो प्रशासन ने नई परंपरा शुरू करने का हवाला देते हुए यात्रा की अनुमति ही नहीं दी।
अगले आदेशों तक तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवा बंद
प्रशासन ने दो समाजों के बीच टकराओ की स्थिति देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दी है और सात से अधिक मुकदमे भी दर्ज किए है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी लोग इस यात्रा में शामिल होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुर्जर व राजपूत समाज में तनातनी को देखते हुए लोक व्यवस्था कायम रखने हेतु जिला सहारनपुर के अन्दर सभी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियां मोबाईल नेटवर्क में उपलब्ध सभी इंटरनेट और मैसेजिंग/सोशल मीडिया (2G/3G / 4G/Edge/GPRS/SMS) की सुविधा 29 मई से अगले आदेशों तक तत्काल प्रभाव से बैन कर दी गई हैं।
प्रशासन की पहली प्राथमिकता कोई भी हिंसा ना हो
बावजूद इसके बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग सहारनपुर में सड़कों पर उतर आए। यह यात्रा नकुड़ थाना क्षेत्र के कस्बा फंदपुरी से यह यात्रा चलकर नकुड़ कस्बा पहुंचनी है। यात्रा को रोकने के लिए जिलेभर में पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन गुर्जर समाज की भारी भीड़ फंदपुरी कस्बे में इकट्ठा हो गई। यह भीड़ नकुड़ की ओर बढ़ रही है।
डीएम-एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ इस भीड़ के साथ चल रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी भीड़ के साथ हैं। इस यात्रा के दौरान किसी भी तरह की हिंसा ना हो इसी को लेकर अब जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी भीड़ के साथ हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने कहा है कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता यही है कि कोई भी हिंसा ना हो।

