15 अप्रैल दिन शनिवार माफिया अतीक और अशरफ का काल सामने आया और उनको मौत की नींद सुला गया उसके बाद इस डबल मर्डर को लेकर ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। पहले जांच के लिए जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था, लेकिन अब इस हत्याकांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी जांच की जिम्मेदारी राज्य के तीन सीनियर अधिकारियों को सौंपी गई है।
इसका गठन पुलिस कमिशनर ने किया है। एसआईटी जांच का नेतृत्व डीसीपी क्राइम करेंगे। इसके अलावा एसीपी सतेंद्र तिवारी और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सिंह को भी तीन सदस्यीय टीम में रखा गया है। हालांकि इससे पहले रविवार को ही न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन कर दिया गया। साथ ही पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
वहीं सूत्रों से ये खबर सामने आ रही है कि सनी जो आरोपी है अक्सर साइबर कैफे में जाता था। वहां वह अपराधियों के प्रिंट आउट निकालता था, खासकर श्रीप्रकाश शुक्ला का अब आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि श्रीप्रकाश शुक्ला कौन था तो बता दें ये भी अपने समय का नामी माफिया था लेकिन पुलिस ने एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया था। सनी श्रीप्रकाश शुक्ला का बड़ा फैन था सनी क्रूड बम बनाने में भी एक्सपर्ट था। वह तीन बार बम फेंकने की घटना को भी अंजाम दे चुका है।
इस डबल हत्याकांड में पुलिस को ऊपर भी गाज गिरी जो अतीक और अशरफ की सुरक्षा में थे। 17 पुलिसकर्मियों को तत्काल रूप से सस्पेंड कर दिया गया। यूपी के हमीरपुर के कुरारा का रहने वाला मोहित उर्फ सनी 23 साल का है। सनी पर 15 केस दर्ज हैं, पुलिस का कहना है कि अशरफ पर फायरिंग करने वाला सनी ही था जिसने तुर्की की बनी पिस्टल जिगाना से फायरिंग की। सनी सिंह कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है। सनी 2021 में चित्रकूट जेल में बंद था।
उमेश पाल हत्याकांड का सबसे बड़ा किरदार गुड्डू मुस्लिम अब भी फरार है और पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन कर्नाटक में मिली है। अतीक अहमद के सबसे करीबी गुड्डू मुस्लिम को बम बनाने का एक्सपर्ट माना जाता है. सूत्रों का दावा है कि गुड्डू मुस्लिम ही अतीक अहमद का पूरा नेटवर्क चलाता था। अशरफ और अतीक के खामोश हो जाने के बाद अब गुड्डू मुस्लिम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

