आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और इसमें उन्होंने बीजेपी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए है. संजय सिंह ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने अपने पुराने आदर्श और चरित्र को नहीं बदला हैं.
बीजेपी देशभक्तों और शहीदों का करती हैं अपमान
संजय सिंह ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी देशभक्तों और शहीदों का अपमान करती हैं, विशेष रूप से 1857 की क्रांति को लेकर तिरस्कार करती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के पूर्वज स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के लिए जासूसी करते थे और आज के समय भी हीजेपी वही काम कर रही है. बीजेपी कभी भी अपने चरित्र को नहीं बदल सकती है. इतना ही नहीं संजय सिंह ने आगे यह भी कहा कि आरएसएस केंद्र स्थान के पास झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति को हटाने की साजिश की जा रही है, जो वीर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है.
लक्ष्मीबाई की मूर्ति हटाने की साजिश
संजय सिंह ने बीजेपी पर आगे आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस के मुख्यालय के पास स्थित झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति को हटाने की साजिश की जा रही है, जो वीर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।उन्होंने कहा कि ये यानी कि बीजेपी के लोग देश के तिरंगे को अपना झंडा नहीं मानते है और देशभक्तों का अपमान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 53 वर्षों में, इन लोगों ने देश की गरिमा को बार-बार ठेस पहुंचाई है। संसद में महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्तियाँ लगी थी उन्हें भी बीजपी सरकार ने हटा दिया था और अब 1857 की वीरांगना झांसी की रानी की मूर्ति को हटाने की योजना बनाई जा रही है।
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संजय सिंह ने RSS से मांगा जवाब
संजय सिंह ने आगे कहा कि हरियणा में विधानसभा चुनाव है तो अब हम हरियाणा में भी यह बताने जा रहे हैं कि ये बीजेपी वालें राष्ट्रभक्तों का अपमान करते है और यह लोग राष्ट्रद्रोह है. आपको मैं आगाह करना चाहता हूं कि ये लोग देश की राजधानी दिल्ली में भी अपनी मुहिम चलाएंगे और मूर्तियों को हटाएंगे, लेकिन हम इन लोगों को ऐसा करने नहीं देंगे. इसी बीच संजय सिंह ने आगे बीजेपी से सवाल करते हुए पूछा कि अगर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति नहीं लगाई जाएगी, तो क्या देशद्रोहियों की मूर्तियाँ लगवाई जाएंगी? यह माफी करने योग्य नहीं है और हम इसे होने बिल्कुल भी होने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरएसएस को पत्र लिखा था और आरएसएस से इस विषय पर इसका जवाब मांगा था जो कि RSS के लोगों के जवाब देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इस पत्र का कोई भी जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रेस कांफ्रेंस का उद्देश्य बीजेपी से जवाब मांगना है. मैं चाहता हूँ कि बीजेपी इन सवालों का जवाब दे.
आपको बता दें कि संजय सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक माहौल में गहन विवाद और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। दिल्ली में नई सीएम आतिशी बन गई है. कुछ महीनों में दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने वाले है. जिसको लेकर सभी पार्टियां एक दूसरे पर बयानबाजी करने में लगी हुई है.

