सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन बन के तैयार हो चुका है और 28 मई को पीएम मोदी के द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा। खुद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकार उसने उद्घाटन का आग्रह किया था लेकिन आप तो अच्छे से वाकिफ हैं कि देश में बिना किसी विवाद के कोई काम पूरा हो जाए ऐसा तो हो हीं नहीं सकता।
राहुल गांधी ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति जी को हाथों होना चाहिए ना कि पीएम के हाथों। अब बीजेपी कहां चुप बैठेने वालों में से राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि नई संसद भवन का सपना पीएम मोदी का रहा और उनके द्वारा ये बनना संभव हो पाया है। पीएम मोदी कोई भी अच्छा काम करें लेकिन राहुल गांधी को वो अच्छे काम ना कभी दिखे ना कभी दिखाई देंगे।
वहीं इससे पहले भी कांग्रेस ने निशाना साधा था कि संसद भवन के उद्घाटन की जो तारीख रखी गई उस दिन वीर सवारकर का जन्मदिन है तो भाजपा का उद्देश्य इस दिन संसद भवन का उद्घाटन करना महज एक योग है या फिर रणनीति के तहत यह किया जा रहा है।
देश के इस नए संसद भवन में पिलरों की संख्या बढ़ा दी गई और बैठने के लिए सीटों की क्षमता को भी बढ़ा दिया गया है। अब नए संसद भवन में लोकसभा हॉल में 888 सीटो तक की क्षमता होगी। वहीं पहले से बढ़े राज्यसभा हॉल में 384 सीटो तक की क्षमता होगी। नई राज्यसभा की क्षमता 245 सीटों से बढ़ाकर 384 कर दी गई है।

