Rahul Gandhi News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हाल ही में ‘कॉर्डिनेशन कमेटी फॉर पीस’ (CCP) के प्रतिनिधियों से हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी आपत्ति जताई है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि जब भारत माओवादी उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे समय में ऐसी बैठकें चिंताजनक हैं।
“माओवादी समर्थकों से मुलाकात चिंता का विषय” – भाजपा
अमित मालवीय ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवान जब नक्सलवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन कगार’ जैसे अभियानों में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, तब कांग्रेस नेता का माओवादी समूह के समर्थकों से मिलना परेशान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुलाकात सरकार और माओवादियों के बीच संघर्षविराम की कोशिश का हिस्सा है, जिसे कांग्रेस समर्थन दे रही है।
नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार
गृह मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन कगार एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसका मकसद देश में सक्रिय सीपीआई (माओवादी) के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इस अभियान में अब तक कई माओवादी मारे गए हैं, विशेषकर वे जिन्होंने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया था। यह ऑपरेशन माओवाद की विचारधारा को खत्म करने की दिशा में केंद्र सरकार की निर्णायक रणनीति का हिस्सा है।
सीसीपी की मांग और प्रतिनिधिमंडल की भूमिका
मालवीय के अनुसार, 9 मई को दिल्ली में सीसीपी प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से मुलाकात की और आरोप लगाया कि सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों की आड़ में आदिवासी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच संघर्षविराम कराने में हस्तक्षेप की मांग की।
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग हैं:
- मानवाधिकार कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव
- सेवानिवृत्त प्रोफेसर जी. हरगोपाल
- पूर्व न्यायाधीश चंद्र कुमार
- ‘भारत बचाओ’ संगठन के उपाध्यक्ष डॉ. एम.एफ. गोपीनाथ
- झारखंड जन अधिकार महासभा के दिनेश मुर्मू
- लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता मीना कांदासामी
भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह कथित शांति समिति हाल ही में दिल्ली में बनाई गई है और इसका उद्देश्य सरकार और सीपीआई (माओवादी) के बीच वार्ता की पहल करना है। मालवीय का यह भी दावा है कि राहुल गांधी ने इस पर विचार करने का आश्वासन भी दिया है।
“Rahul Gandhi, आप किसके साथ हैं?”
राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए अमित मालवीय ने कहा “जब हमारे सुरक्षाकर्मी उग्रवाद से लड़ते हुए अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं, तब राहुल गांधी ऐसे लोगों से मिल रहे हैं जो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के समर्थक माने जाते हैं। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वह देश के रक्षकों के साथ हैं या उग्रवादियों के पक्ष में। उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं?”
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