नए संसद में विशेष सत्र के तीसरे दिन की लोकसभा कार्यवाही में महिला आरक्षण बिल को लेकर सुबह 11 बजे से लेकर कई घंटो से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार चर्चा जारी है। विपक्ष ने बिल को लेकर समर्थन तो किया है लेकिन एक शर्त के साथ कि महिलाओं को आरक्षण में आरक्षण दिया जाए इसका मतलब ये 33प्रतिशत महिलाओं को तो आरक्षण मिले इसके साथ ही SC, ST,OBC को भी 50प्रतिशत का आरक्षण मिले।
स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
स्मृति ईरानी ने इसका पलटवार करते हुए कहा कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद 15 वर्ष तक महिला आरक्षण की गारंटी रहेगी। मैं पीएम मोदी का आभार करती हूं महिलाओं के लिए इस बिल को पेश करने के लिए और रही बात कांग्रेस की उनकी आदत है संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण पर आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है।
वहीं विपक्ष से अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने कहा कि कब जनगणना होगी, कब परिसिमन होगा ये किसी को नहीं पता तो बिल लाने की जल्दी क्यों? और अगर इतना जरूरी है ये बिल तो 9 साल के बाद यूं अचानक से ये तो लड्डू दिया जा रहा है फिलहाल ना की हक। मैं महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती हूं लेकिन इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि हम महिला आरक्षण विधेयक पर इंडिया गठबंधन के फैसले के साथ खड़े रहेंगे संसद में चर्चा के दौरान आप सांसद बिल की प्रकृति और उसके क्रियान्वयन पर सरकार से सवाल पूछेंगे बिल पर वोटिंग के समय पार्टी इसका समर्थन करेगी। अब से कुछ देर में कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी लोकसभा में महिला आरक्षण पर बोलेंगे उन्होनें कहा कि मैं सांसद में बोलूंगा इसलिए ही यहां सांसद में आया हूं।
ये भी पढ़ें : Akasa Airlines पर गहराए संकट के बादल, क्या बंद हो जाएगी कंपनी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में बिल को लेकर बोलेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शाम करीब 6 बजे बिल पर लोकसभा में बोलने वाले हैं। वहीं AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विरोध करते हुए कहा इसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रावधान नहीं है। मोदी सरकार केवल सवर्ण महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहती है ये भेदभाव है अगर प्रधानमंत्री ओबीसी हैं तो वह अपने समुदाय का ख्याल क्यों नहीं रखते।
विपक्ष बिल के समर्थन में रख रहा अपने तर्क
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कहा कि वो पूरी तरह से इसके समर्थन में हैं लेकिन इसके साथ साथ बिल में जो पेचिदा चीजें हैं उन पर भी सुझाव देना हमारा कर्तव्य है। हम सरकार को केवल सुझाव देना चाहते हैं संसद में किसी ने भी इस विधेयक का विरोध नहीं किया है।
TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी महिला आरक्षण बिल को लेकर समर्थन किया है और कहा है कि बिल देर से आया है लेकिन दुरूस्त आया है हालांकि बिल में अभी पेंच है इसलिए समर्थन के साथ साथ कुछ लोग उत्साहित नहीं है जिस तरह से हम बिल चाह रहे थे उस तरह से अभी नहीं आ पा रहा है।
महिला आरक्षण बिल पर भारतीय पैरा एथलीट दीपा मलिक ने कहा कि पीएम मोदी का महिला सशक्तिकरण के लिए उनका दृष्टिकोण साफ नजर आ रहा है जो बिल लंबे समय से अटका हुआ था अब पीएम मोदी के नेतृत्व में ये बिल पारित होने से महिलाएं अपनी जिम्मेदारी समझेंगी। वहीं भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम ने बिल को लेकर खुशी जाहिर की और कहा कि महिला आरक्षण बहुत जरूरी है। महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सशक्त होना बहुत जरूरी है मैं बहुत खुश हूं।

