उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का पहला चरण खत्म होने के बाद भाजपा फिर से एक बार एक्शन में जनसभा को सम्बोधित करती हुई नज़र आयी दरअसल बागपत बड़ौत नगर के चुनाव में एक बार फिर से पाकिस्तान की एंट्री हो गई है जंहा निवर्तमान चेयरमैन अमित राणा ने बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा कि ये चुनाव भारत- पाकिस्तान का चुनाव है इतना ही नहीं अमित राणा ने बताया की अब ये आप लोगों को तय करना है कि अपनी दुकानों के सामने मुर्गों ओर अंडों की ठेली लगवानी है, फूंसवाली मस्जिद के सामने अल्लाह हू अकबर करवाना है या फिर शिव चौक पर घंटा बजवाना है,
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का पहला चरण खत्म होने के बाद भाजपा फिर से एक बार एक्शन में जनसभा को सम्बोधित करती हुई नज़र आयी दरअसल बागपत बड़ौत नगर के चुनाव में एक बार फिर से पाकिस्तान की एंट्री हो गई है जंहा निवर्तमान चेयरमैन अमित राणा ने बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा कि ये चुनाव भारत- पाकिस्तान का चुनाव है इतना ही नहीं अमित राणा ने बताया की अब ये आप लोगों को तय करना है कि अपनी दुकानों के सामने मुर्गों ओर अंडों की ठेली लगवानी है, फूंसवाली मस्जिद के सामने अल्लाह हू अकबर करवाना है या फिर शिव चौक पर घंटा बजवाना है |
बड़ौत में सवर्ण मतदाता निर्णायक भूमिका में
बड़ौत नगर पालिका अध्यक्ष पद की सीट पहले सामान्य में घाेषित की गई थी, लेकिन 15 दिन बाद ही बड़ौत अध्यक्ष पद को पिछड़े वर्ग में घोषित कर दिया गया, जिसके चलते ब्राहण और जैन समाज के मतदाताओं में नाराजगी और गुस्सा देखने को मिला रहा है. सवर्ण जाति कहीं न कहीं इसे अपने अपमान के रूप में देख रही है. ऐसे में सवर्ण समाज के लगभग 31 हजार मतदाताओं पर निर्भर करता है वे इस चुनाव में अपना रुख किस ओर करते हैं |

