मणिपुर राज्य में आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के बीच हिंसा लगातार भड़की हुई है,जिसकी शुरुआत 3 मई को हुई इसी दिन मणिपुर के छात्र संगठन ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर’ (ATSUM) ने आदिवासी एकता मार्च निकाला |
मामला आखिर हैं क्या
आपको बता दें की ये मार्च मैतेई समुदाय को ST कैटेगरी में शामिल करने की मांग के खिलाफ था ,मार्च का आयोजन चुराचांदपुर जिले के तोरबंग इलाके में हुआ था. इतना ही नहीं इस रैली में कई हजार प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए थे लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब मार्च के दौरान ही तोरबंग में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा शुरू हो गई,हिंसा इतना भड़क गयी की पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे साथ ही प्रदर्शनकारियों ने तोरबंग में कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई और आग भी लगाई आपको बता दें की जब हिंसा नहीं रुकी तो मणिपुर सरकार ने 3 मई की रात को सेना और सशस्त्र बलों की मदद मांगी. सूत्रों की माने तो सेना ने पुलिस के साथ मिलकर कई इलाकों में हिंसा पर काबू पा लिया था साथ ही दंगों को रोकने के लिए सेना और असम राइफल्स के 55 कॉलम तैनात किए गए थे |
बीजेपी विधायक पर हमला
लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया भजपा के विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर भीड़ टूट पड़ी आपको बता दें बीजेपी विधायक पर उस वक्त हमला किया गया, जब सीएम एन बीरेन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश सचिवालय से लौट रहे थे। खबरों के मुताबिक, फिरजावल जिले के थानलॉन से तीन बार के विधायक वाल्टे पर उस वक्त हमला किया गया, जब वो इंफाल में अपने सरकार आवास जा रहे थे जंहा आक्रोशित भीड़ ने विधायक और उनके ड्राइवर पर भी हमला किया। जबकि उनके PSO भागने में सफल रहे साथ ही विधायक वुंगजागिन वाल्टे को इंफाल के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही हैं|
सरकार की तरफ से एक्शन
मणिपुर के राज्यपाल ने राज्य में बढ़ती हिंसा रोकने के लिए “गंभीर मामलों” में देखते ही गोली मारने (Shoot at Sight) के आदेश को अपनी मंजूरी दे दी है आपको बता दें की सूत्रों के अनुसार,मोरेह और कांगपोकपी शहर में अब हालात कंट्रोल में हैं.जबकि इंफाल और सीसीपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी कोशिशें जारी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं नागालैंड से भी अतिरिक्त टुकड़ी तैनात की गई है साथ ही अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती जारी है |
अमित शाह का कर्नाटक दौरा
वंही आपको बता दें की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज तनाव के चलते कर्नाटक दौरा भी रद्द हो गया हैं |

