उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज चैत्र नवरात्र की महानवमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रामनवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर भी है। महानवमी के उपलक्ष्य पर मुख्यमंत्री ने गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया।
उल्लेखनीय है कि गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पहले पांव पखारे और फिर उन सभी का विधि विधान से पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी ने सभी कन्याओं को चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। बता दें कि इसके अलावा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया।
उन्होंने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन करने के बाद वहां मौजूद तक़रीबन तीन सौ की संख्या में मौजूद कुंवारी कन्याओं व बटुकों की श्रद्धाभाव से घण्टी बजाकर आरती उतारी। सभी को मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने तिलक लगाया। इन सभी को भी चुनरी व गमछा ओढ़ाकर दक्षिणा प्रदान किया गया। पूजन के बाद इन कन्याओं को मंदिर की ही रसोई में पकाया गया ताजा भोजन परोसा गया। यह प्रसाद स्वयं मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से परोसा। बता दें कि कन्याओं के अलावा बड़ी संख्या में आए बटुकों को भी श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा भेंट किया।
करते रहे आत्मीय बातचीत
कन्या पूजन के अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्याओं व बटुकों से निरंतर आत्मीयता से बातचीत करते रहे। मुख्यमंत्री खुद भोजन व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। वे खुद इस बात का ख्याल रखते रहे कि किसी भी कन्या या बटुक की थाली में भोजन प्रसाद की कोई कमी न रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा – अर्चना की।

