Noida News: जिले में डेढ़ लाख जनधन खातों को आरबीआई (RBI) ने निष्क्रिय घोषित कर दिया है। दो साल से इन खातों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इन खातों को दोबारा संचालित करवाने के लिए उपभोक्ताओं को केवाईसी करवानी पड़ेगी।
इस बजह से हुआ बंद
वहीं, जिले में बैंक खातों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिले में आठ लाख जनधन खाते हैं। उनमें से निष्क्रिय हो चुके डेढ़ लाख खातों के लिए अधिकारियों ने खाताधारकों को ईमेल व रजिस्टर्ड नंबर पर नोटिस भेजने की बात कही है। लीड बैंक अधिकारियों के अनुसार लेनदेन नहीं होने से ऐसे खातों की लिस्ट आरबीआई को भेजी गई थी। इसके बाद इन खातों को निष्क्रिय कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: लॉ कमीशन ने केंद्र को सहमति की उम्र 18 से 16 नहीं करने की दी सलाह
खाता खोलकर लेनदेन करना भूलें
जिले में 35 बैंकों की 570 शाखाओं में 14 लाख खाते हैं। इनमें से 12 लाख खाते ऐसे हैं जो सक्रिय हैं बाकी के खातों को बैंक ने निष्क्रिय घोषित कर दिया। अहम बात यह है कि सरकार का लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने पर जोर है वहीं, ऐसे भी लोग हैं जो खाता खोलकर लेनदेन करना भूल गए हैं। ऐसे में सरकार की मंशा को पलीता लग रहा है।
दो लाख खाताधारकों को भेजा जाएगा नोटिस
बैंक अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन महीने में जिले के दो लाख खाताधारकों को नोटिस भेजा जाएगा। लगातार 10 साल तक खाता निष्क्रिय रहने पर उसकी रिपोर्ट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को भेज दी जाती है। इसके बाद भी कोई व्यक्ति क्लेम करता है तो आरबीआई की अनुमति से खाता शुरू किया जाता है।
लेनदेन नहीं होने से बैंक को नुकसान
लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला ने बताया कि खातों में लेनदेन नहीं होने से बैंक को भी खासा नुकसान होता है। वहीं, खाते और उसमें मौजूद धनराशि के आधार पर बैंक की साख बनती है। उसी आधार पर बैंक को लोन दिया जाता है। अगर किसी बैंक में निष्क्रिय खाते अधिक होंगे तो संबंधित बैंक का शीर्षस्थ कार्यालय उससे जवाब-तलब करता है।
यह भी पढ़ें: खालिस्तानी आतंकवादी की धमकी, विश्व कप नहीं विश्व आतंक कप की…
ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक निष्क्रिय खाते
सबसे अधिक एक लाख निष्क्रिय खाते ग्रामीण इलाकों में हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार यहां लोग खाते तो खुलवा लेते हैं लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। जागरूकता की कमी होना भी एक अहम मुद्दा है। जिले में बैंक खातों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, नए खाते खोले गए हैं। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में खातों की संख्या 14 लाख हो गई है जो कि पहले 12.50 लाख थी।

