Noida News: पूर्व सीईओ मोहिंदर सिंह के बयान ने उनके उत्तराधिकारी की समस्या बढा दी हैं। बता दें ईडी ने नोएडा अथॉरिटी में कथिच भष्टाचार की जांच बढ़ा दी हैं। जिसके बाद पूर्व सीईओ और उनके उत्तराधिकारी रमा रमण के कार्यकाल की भी जांच की जाएगी। रमा रमण तीन साल तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के अध्यक्ष पद पर रहे थे।
किसी अन्य पद पर स्थानांतरित होंगे रमा रमण
बता दें रमा रमण की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। क्योकि रमा रमण के कार्यकाल में कई बिल्डरों को दी गई जमीन आवंटन की प्रक्रिया की गहन जांच की जाएगी। यह कदम मोहिंदर सिंह के बयान के बाद उठाया गया है, जिन्होंने ईडी को बताया था कि वह 2010 में सीईओ पद से हट गए थे और प्रॉजेक्ट से जुड़ी बाकी औपचारिकताएं उनके बाद तैनात रहे अफसरों के कार्यकाल में पूरी हुईं। रमा रमण का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। उनके खिलाफ नोएडा निवासी जितेंद्र कुमार गोयल की याचिका पर कार्रवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 1 जुलाई 2016 को उनकी शक्तियां जब्त कर ली थीं। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को रमा रमण को किसी अन्य पद पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।
भ्रष्टाचार के मामलों का होगा खुलासा
ईडी कीइस जांच से कयास लगाए जा रहे हैं कि इस जांच से भ्रष्टाचार के सभी मामलों का खुलासा होगा साथ ही यह जांच नोएडा अथॉरिटी में 2010 से 2016 के बीच तैनात रहे सभी वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर केंद्रित होगी। यह नोएडा के विकास में हुई अनियमितताओं पर भी प्रकाश डालेगी।

