Noida : नोएडा के सेक्टर-22 स्थित साउथ इंडियन बैंक के सहायक प्रबंधक के खिलाफ 28.07 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। अभी तक जांच सेक्टर-24 पुलिस कर रही थी। डीसीपी हरीश चंदर ने मामला क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर होने की पुष्टि की है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी परिवार के साथ विदेश भाग सकता है, ऐसे में पुलिस ने लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया है, ताकि एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उसे गिरफ्तार किया जा सके।
सेक्टर-24 थाने में बीते दिनों केस दर्ज कराया था
पुलिस के अनुसार, करोड़ों की धोखाधड़ी और गबन के मामले में संबंधित बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, दिल्ली ने सेक्टर-22 शाखा के सहायक प्रबंधक, उसकी मां व पत्नी समेत अज्ञात के खिलाफ सेक्टर-24 थाने में बीते दिनों केस दर्ज कराया था। शिकायत में रैनजीत आर नायक ने बताया था कि उन्हें कुछ दिनों पहले से सेक्टर-22 स्थित शाखा से गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। इसकी विभाग ने अपनी विजिलेंस टीम से जांच कराई।
इसमें पता चला कि सेक्टर-48 स्थित एसोसिएट इलेक्ट्रानिक्स रिसर्च फाउंडेशन कंपनी के खाते से सहायक बैंक प्रबंधक राहुल शर्मा ने 28.07 करोड़ रुपये पत्नी भूमिका शर्मा और मां सीमा समेत अन्य के खातों में ट्रांसफर कर कंपनी व बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में कंपनी के पदाधिकारियों ने 3, 4 व 6 दिसंबर को ईमेल से शिकायत दर्ज कराते हुए खाते से रुपये बिना अनुमति व जानकारी के ट्रांसफर करने के आरोप लगाए थे।
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पुलिस उन खातों की जांच कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर हुई
मूलरूप से रोहतक निवासी राहुल वर्तमान में सेक्टर-27 में परिवार के साथ रहता है। केस दर्ज होने के बाद वह दोनों पतों पर नहीं मिला। केस दर्ज होने के बाद पुलिस उन खातों की जांच कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर हुई है। साजिश के तहत धोखाधड़ी के लिए राहुल ने मां व पत्नी समेत अन्य लोगों का संबंधित बैंक में खाता खुलवाया। खाते को सत्यापित करने के बाद आरोपी ने 20 से अधिक बार कंपनी की रकम ट्रांसफर कर ली।

