Noida News : ऑनलाइन ड्रग्स व चरस गांजा सप्लाई करने वाले पांच लोगों को थाना सेक्टर-126 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक एमिटी यूनिर्वसिटी का और एक दिल्ली यूनिवर्सिटी का पूर्व स्टूडेंट भी है। ये लोग सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर ग्रुप बनाकर नशे का कारोबार कर रहे थे। सप्लाई के लिए फिल्प कार्ट, अमेजन और मीशो जैसी कंपनियों की रैपर पैकिंग कर छोटे-छोटे पार्सल बनाते थे। जिनको इन्हीं का राइडर यूनिवर्ससिटी , होस्टल, पीजी में सप्लाई करता था।
ये लोग दो प्रकार के ड्रग्स की सप्लाई सबसे ज्यादा करते थे। इसमें OG एक विदेशी गांजा है। जिसकी मादकता भारतीय गांजे से काफी अधिक होती है। जिस कारण ये काफी डिमांड में रहता है। जिसके प्रत्येक पैकेट को ये लोग 7-8 हजार रुपये में बेचते थे। वहीं शिलांग गांजा पूर्ण रूप से AIR CONDITIONER में उगाया जाता है। जिस कारण यह भी काफी डिमांड में रहता है। इसके प्रत्येक पैकेट को ये लोग 4-5 हजार रूपये में बेचते थे।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया स्टूडेंट भी थे ड्रग रैकेट में शामिल
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि इनकी पहचान सागर, निशान्त, सचिन कुमार, हर्ष झा और चेतन हुई है। इन पांचों को एमिटी यूनिवर्सिटी कट से गिरफतार किया गया। इनके पास से शिलांग गांजा 12 किलो 700 ग्राम, 90 ग्राम चरस, 05 ग्राम विदेशी गांजा OG जिनकी अतंरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10-15 लाख रुपये है। 05 मोबाइल फोन, 01 लैपटाप तथा मादक पदार्थों की सप्लाई में प्रयुक्त किये जाने वाली 01 मोटरसाइकिल व 01 स्कूटी भी है। इनका टारगेट एमिटी यूनिर्वसिटी और अन्य शैक्षणिक संस्थान, पीजी व होस्टल थे।
मध्यप्रदेश से मंगाया जाता था शिलांग गांजा, 90 हजार रुपए प्रतिकिलो है रेट
एसीपी ने बताया कि गैंग का सरगना सचिन है। ये मध्यप्रदेश से चिन्टू नाम के व्यक्ति से शिलांग गांजा मंगाता था। जिसकी बाजार में कीमत 90 हजार रुपये प्रति किलो है। सागर दिल्ली यूनिवर्सिटी से PASS OUT छात्र है। इसने SNAPCHAT, TELEGRAM, WHATSAPP व अन्य सोशल मीडिया प्लैटफार्मों के माध्यम से अलग-अलग यूनिवर्सिटी व अन्य शैक्षिक संस्थानों के छात्रों से जुड़ा है। डिमांड के अनुसार मादक पदार्थों की डिलीवरी व सप्लाई कराता है।
सप्लाई के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी के रैपर और खुद के होते थे डिलिवरी बॉय
मादक पदार्थों की डिलीवरी व सप्लाई के लिए इस गैंग ने अपने स्वयं के राइडर रखे हुए थे। सागर भट्ट व निशान्त मादक पदार्थों की डिलीवरी व सप्लायी के लिए राइडर का भी काम करते थे। ये लोग मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए PORTER एप्प का भी प्रयोग करते थे। चेतन एमिटी यूनिवर्सिटी का होटल मैनेजमेन्ट कोर्स का चतुर्थ वर्ष का छात्र है। ये विदेशी ड्रग्स OG व चरस खरीदकर एमिटी यूनिवर्सिटी व अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को मादक पदार्थ बेचता था।
पुलिस की नजर में आने से बचने के लिए गांजा, चरस, ओ.जी. एवं अन्य मादक पदार्थों को FLIPKART, AMAZON, MISHO जैसी कंपनीयों की रैपर पैकिंग में छोटे-छोटे PARCEL के रूप में बेचते थे। सागर मूलतः नेपाल का रहने वाला है और इसने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की पढाई की है। सचिन मूलतः मैनपुरी व हर्ष मूलतः बिहार का रहने वाला है जिन्होंने ITI संबंधित टैकनिकल कोर्स की पढाई की है।
वर्तमान और पूर्व के स्टूडेंट्स जो इस गैंग में शामिल
चेतन एमिटी यूनिवर्सिटी का होटल मैनेजमेन्ट कोर्स का चतुर्थ वर्ष का छात्र है। सागर मूलत: नेपाल का रहने वाला है और इसने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम (पूर्व स्टूडेंट) की पढ़ाई की है। सचिन मूलतः मैनपुरी व हर्ष मूलतः बिहार का रहने वाला है जिन्होंने ITI
किराए पर कमरा लेकर की जाती थी पैकिंग
इन लोगों ने एक अलग कमरा किराए पर लिया था। वहां पर मादक पदार्थों को FLIPKART, AMAZON, MISHO जैसी कंपनीयों की रैपर पैकिंग में छोटे-छोटे PARCEL के रूप में पैक किया जाता था। जिस कमरे को पुलिस द्वारा सील किया गया है। पूछताछ पर मादक पदार्थों की सप्लायी करने वाले एक अन्य व्यक्ति अनित सोम का नाम भी सामने आया। चिन्टू व अनित सोम फरार है इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
मादक पदार्थों की डिलीवरी व सप्लाई से संबंधित वाट्सएप चैट किए गए रिकवर
पकड़े गए आरोपियों के फोन से काफी अधिक संख्या में छात्रों के मोबाइल नंबर व मादक पदार्थों की डिलीवरी व सप्लाई से संबंधित चैटस भीम मिली है। इसके अलावा पेमेंट डिटेल भी मिली है। इनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

